प्रधानमंत्री ने जेटली, प्रधान के साथ की तेल कीमतों की समीक्षा

0
89

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान के साथ बैठक कर तेल की कीमतों की समीक्षा की। केंद्र सरकार द्वारा पिछले सप्ताह पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद कर में कटौती करने के बाद फिर तेल की कीमतों में वृद्धि जारी है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री ने यह समीक्षा बैठक बुलाई थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “प्रधानमंत्री की सुबह की बैठक पेट्रोलियम के मसले को लेकर हुई। तेल का घरेलू उत्पादन बढ़ाने, तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सब्सिडी और चालू खाते का घाटा कम करने के लिए तेल का आयात घटाने के मसले पर चर्चा हुई।”

यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध चार नवंबर से लागू होगा और भारत आयात से तेल की अपनी 80 फीसदी जरूरतों की पूर्ति करता है।

पेट्रोलियम मंत्री ने एक अक्टूबर को कहा था कि देश के नई ओपन एक्रीज लाइसेंसिंग पॉलिसी (ओएएलपी) के तहत पहले दौर की बोली के माध्यम से अवार्ड किए गए 55 तेल व गैस ब्लॉक की खोज के लिए 5,900 करोड़ रुपये निवेश की प्रतिबद्धता जाहिर की गई है।

नए हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (एचईएलपी) के तहत ओएएलपी में निवेशकों को अपनी पसंद का ब्लॉक चुनने और पूरे साल एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट जमा करने की अनुमति होती है।

केंद्र सरकार ने चार अक्टूबर को तेल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की और राज्य सरकारों से भी तेल की कीमतों पर वैट में कटौती कर लोगों को राहत देने की अपील की।

सरकार ने कहा कि तेल पर 1.50 रुपये प्रति लीटर की दर से उत्पाद कर में कटौती करने से सरकार को 10,500 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होगा। सरकार ने रुपये प्रति लीटर की दर से तेल के दाम में कटौती का भार तेल कंपनियों को वहन करने को कहा।

सरकार ने कहा कि वह चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.3 फीसदी रखने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleकांग्रेस ने मोदी पर लगाया ‘स्वच्छ गंगा’ कार्यकर्ता की उपेक्षा का आरोप
Next articleमंत्रियों को दशहरा के बाद अतिरिक्त विभाग होंगे आवंटित : गोवा के मंत्री
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here