प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत फिर जीत गया

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भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजद) पर विश्वास जताने के लिए देशवासियों को शुक्रिया अदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार कहा कि ‘भारत फिर जीत गया।’

भाजपा शानदार जीत के साथ एकबार फिर सत्ता पर काबिज होने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने अपने नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ में ‘सबका विश्वास’ भी जोड़ दिया।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, “धन्यवाद भारत। जो विश्वास आपने हमारे गठबंधन पर जताया है वह सादगीभरा है और इससे हमें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए और कठिन परिश्रम करने की ताकत मिली है। मैं सभी भजपा कार्यकर्ता की प्रतिबद्धताओं और कड़ी मेहनत के लिए सलाम करता हूं। वे घर-घर तक गए और हमारे विकास के एजेंडे के बारे में बताया।”

इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया, “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास विजयी भारत। हम साथ बढ़ेंगे। साथ समृद्ध होंगे। साथ में हम एक मजबूत और समावेशी भारत का निर्माण करेंगे। भारत फिर जीत गया। हैशटैगविजयीभारत।”

नवीनतम रुझानों के मुताबिक, भाजपा 542 सीटों में से 301 सीटों पर आगे है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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