प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर झूठा माहौल बनाने का विपक्ष पर सोमवार को सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में जिन्हें देश ने नकार दिया, उनके पास कम हथियार बचे हैं, इसलिए वे भ्रम फैला रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये जो टोली (विपक्ष) है, वह हमारे साथ कभी नहीं रही, और आगे भी नहीं रहेगी। इसका फिक्र भी नहीं है। हमें अपने पर विश्वास है। हमारे नेता जहां कहीं जाते हैं, वहां (नागरिकता कानून के समर्थन में) लाखों की भीड़ जुटती है। आपको नजर नहीं आएगा। यह खेल चलता रहेगा।”

उन्होंने कहा, “हमारा लालन-पालन जनता के साथ सीधे संपर्क से होता है। उसी शक्ति ने हमें पूर्ण बहुमत दिया। चुनाव हमारे लिए बड़ी चुनौती नहीं है, बल्कि लोगों की आकांक्षाएं पूरा करना हमारे लिए महत्वपूर्ण है।”

जे.पी. नड्डा के नया भाजपा अध्यक्ष चुने जाने के मौके पर पार्टी मुख्यालय में लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हम जिन मूल्यों को लेकर चले थे, उसी आशा और अपेक्षा के अनुरूप अपने को ढालेंगे। कार्यकर्ता के विकास का ही परिणाम है कि पार्टी को लगातार नई नई पीढ़ी मिलती जा रही है।”

नड्डा की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा, “नड्डा जी पुराने साथी रहे हैं। कभी स्कूटर पर बैठ कर साथ काम किया है। लंबे समय तक मैंने हिमाचल में काम किया। जब मैं पार्टी का काम करता था तब वह विद्यार्थी परिषद का काम करते थे। नड्डा जी पर जितना हक हिमाचल वालों का है उतना ही हक बिहार का भी है। उन्होंने बिहार में पढ़ाई की है। अटल जी भी हिमाचल के थे, नड्डा जी भी हिमाचल के हैं।”

भाजपा के पूर्व अध्यक्षों को याद करते हुए मोदी ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य रहा है कि सभी यहां बैठे लोगों के हाथ पकड़कर चलने और काम करने का मौका मिला है। 2014 में हमने राजनाथ सिंह के नेतृत्व में चुनाव जीता। संघर्ष और संगठन के बल पर हमारी पार्टी का विकास हुआ। सत्ता में रहते हुए पार्टी चलाना एक बड़ी बात है। हम सत्ता में रहते हुए दल और सरकार के बीच अंतर को रत्ती भर कम नहीं होने देंगे। अमित भाई के कार्यकाल में सत्ता में रहते हुए दल को चलाया और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी।”

इस मौके पर पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने परिवारवाद पर हमला करते हुए कहा, “बहुत-सी पार्टियां परिवारवाद पर चलती हैं, जबकि भाजपा में ऐसा नहीं है। नड्डा जी 11वें अध्यक्ष बने हैं। मैं उन्हें देश के कार्यकर्ताओं की ओर से बधाई देता हूं। साढ़े पांच साल तक मुझे भी इस पद पर काम करने का मौका मिला। इसी दौरान पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी, कई राज्यों में सरकारें बनीं और मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में दोबारा सरकार बनी।”

शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा, “कई बार मैंने कठोरता और दबाब के जरिए काम करवाया। लेकिन मुझे सबका सहयोग मिला। जो कुछ छूट गया है उसे मोदी जी और नड्डा जी के नेतृत्व में पूरा किया जाएगा।”

भाजपा अध्यक्ष चुने जाने पर सबका आभार जताते हुए नड्डा ने कहा, “हम सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। सिर्फ भाजपा में ही सामान्य कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष बन सकता है।”

उन्होंने भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने (शाह) पार्टी को जोड़ा है।

उल्लेखनीय है कि जे.पी. नड्डा को सोमवार को तीन साल के लिए भाजपा का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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