प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, औपचारिक क्षेत्र में 70 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुईं

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विपक्ष के बेरोजगारी के मुद्दे को ‘राजनीतिक तिकड़म’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक वर्ष में केवल औपचारिक क्षेत्र में ही 70 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने मोदी के हवाले से बताया, “कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों पर आधारित हमारे अध्ययन के अनुसार पिछले एक वर्ष में औपचारिक क्षेत्र में 70 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं।”

विपक्ष पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि हमारी सरकार को नौकरियां पैदा न कर पाने के लिए दोषी ठहराने के बजाय “मैं समझता हूं कि नौकरियों से जुड़े आंकड़ों की कमी है।” उन्होंने कहा, “जाहिर तौर पर जानकारी के अभाव के कारण हमारे विरोधी इस स्थिति का फायदा उठाएंगे और नौकरियां पैदा करने में असफल रहने के लिए हमें दोषी ठहराएंगे।” मोदी ने विपक्ष द्वारा उठाए गए बेराजगारी के मुद्दे को भी ‘प्रोपोगंडा’ बताया।

उन्होंने कहा, “यदि आप राज्य सरकारों द्वारा किए गए दावों को देखे- बंगाल का कहना है कि उसने 68 लाख नौकरियां पैदा की हैं और पिछली कर्नाटक सरकार ने दावा किया कि उसने 53 लाख नौकरियां पैदा की हैं – क्या हम यह कहना चाहते हैं कि देश की नौकरियां कुछ राज्यों में पैदा की जा रही हैं और दूसरे राज्य एवं पूरा देश नौकरियां पैदा नहीं कर पा रहा? विपक्ष द्वारा नौकरियों के मुद्दे पर फैलाया गया यह प्रोपोगंडा एक राजनीतिक तिकड़म है।”

मोदी ने कहा कि अनौपचारिक क्षेत्र में करीब 80 प्रतिशत नौकरियां हैं और औपचारिक क्षेत्र में नौकरियों के पैदा होने से अनौपचारिक क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ा है।

उन्होंने कहा, “करीब तीन लाख गांव-स्तर के उद्यमी हैं, जो पूरे देश में जन सेवा केंद्र चलाते हैं और रोजगार पैदा करते हैं। मुद्रा योजना के तहत 12 करोड़ से अधिक ऋण दिया गया है।”

मोदी ने कहा कि पिछले चार वर्षो में सड़क, रेलवे एवं आवास जैसे भारी निर्माण गतिविधियां हुई हैं और ये सभी नौकरियां पैदा करती हैं।

उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय हो या अंतर्राष्ट्रीय सभी रिपोर्ट दिखाते हैं कि भारत में गरीबी में गिरावट आई है। क्या हम नौकरियों के बिना ऐसी संभावना के बारे में सोच सकते हैं?”

मोदी ने कहा कि पर्यटन अधिकतम रोजगार प्रदान करता है। देश का पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और वर्ष 2017 में भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन के कारण इसमें 2016 से मुकाबले 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने दावा किया कि विभिन्न एयरलाइंस मासिक आधार पर नए विमान जोड़ रही हैं और इस देश में मोबाइल विनिर्माण इकाइयों की संख्या बढ़कर 120 हो गई है। उन्होंने कहा, “केवल इनसे ही 4.5 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हुई हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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