प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत पुलवामा शहीदों को कभी नहीं भूलेगा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों को शुक्रवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।’ मोदी ने ट्वीट किया, “पिछले साल भीषण पुलवामा हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि। वे असाधारण शख्स थे जिन्होंने हमारे देश की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।”

सीआरपीएफ के 40 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “भारत हमेशा हमारे बहादुरों, और उनके परिवारों का आभारी रहेगा, जिन्होंने हमारी मातृभूमि की संप्रभुता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को ट्वीट कर भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट किया, “इस दिन 2019 में पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) में नृशंस हमले के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को याद कर रहा हूं। भारत उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।”

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 2,500 सुरक्षाकर्मियों को ले जा रही 78 बसों के काफिले पर पिछले साल फरवरी में पुलवामा जिले के लेथपोरा में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने हमला किया था, जिसके परिणामस्वरूप 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे और हमलावर की मौत हो गई थी।

आतंकी हमले के बाद, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के जेट विमानों ने पिछले साल 26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के कैम्प पर बम बरसाए थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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