राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने स्टीफन हॉकिंग्स के निधन पर शोक जताया

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बताया जा रहा है​ कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने प्रख्यात भौतिक वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग्स के निधन पर शोक जताया है। विश्व प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग्स का बुधवार को ब्रिटेन के कैंब्रिज में निधन हो गया। वह 76 साल के थे।

ब्रिटिश मूल के वैज्ञानिक हॉकिंग्स को ब्लैक होल और रिलेटिविटी के सिद्धांत के लिए अपने महान कार्य के लिए जाना जाता है। वह ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ जैसी कई लोकप्रिय किताबों के लेखक भी थे। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि हॉकिंग्स के कार्य ने विश्व की रहस्य की परतों को खोलने में मदद की।

कोविंद ने ट्वीट कर कहा, “वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग्स के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। उनके शानदार मस्तिष्क ने हमारी दुनिया और हमारे ब्रह्मांड के कई गूढ़ रहस्यों को सुलझाया। उनका साहस कई पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।”

मोदी ने भी ट्वीट कर हॉकिंग्स को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग्स एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक व शिक्षक थे।”

उन्होंने कहा, “उनका धैर्य और ²ढ़ता ने दुनिया भर के लोगों को प्रेरित किया। उनका निधन दुखद है। प्रोफेसर हॉकिंग्स के शानदार कार्य ने हमारी दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाया। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

स्वास्थ्य एवं प्रौद्योगिकी मंत्री वर्धन ने कहा, “स्टीफन हॉकिंग्स के निधन से दुखी हूं। इस दौर के सबसे महान वैज्ञानिक, ब्लैक होल और रिलेटिवटी के सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध। यह वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है।”

आठ जनवरी 1942 को ऑक्सफोर्ड में जन्मे हॉकिंग्स को 1963 में मात्र 21 साल की उम्र में मोटर न्यूरॉन रोग हो गया था।

चिकित्सकों ने उनके केवल दो साल और जीवित रहने की उम्मीद जताई थी लेकिन हॉकिंग्स आधे से ज्यादा सदी तक जीवित रहे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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