Bhopal gas tragedy की बरसी पर गुरुवार को होगी प्रार्थना सभा

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मध्यप्रदेश की राजधानी में 36 साल पहले हुई भीषण गैस त्रासदी की बरसी गुरुवार को है। इस मौके पर प्रार्थना सभा होगी और हादसे का शिकार बने लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। राजधानी के बरकतउल्ला भवन (सेंट्रल लायब्रेरी) भोपाल में तीन दिसंबर को सुबह 10 बजे से प्रार्थना सभा होगी। प्रार्थना सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे। इस प्रार्थना सभा में सीमित संख्या में लोग उपस्थित रहेंगे।

प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। धर्मगुरुओं द्वारा विभिन्न धर्म ग्रंथों का पाठ किया जाएगा। दिवंगतों की स्मृति में दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि भी होगी।

श्रद्धांजलि सभा में कोरोना महामारी को दृष्टिगत रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, हैंड सेनेटाइजर सहित भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन उपस्थित होने वाले आगंतुकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो-तीन दिसंबर, 1984 की दरम्यानी रात यूनियन कार्बाइड संयंत्र से जहरीली गैस रिसी थी और उससे पीड़ित हजारों लोगों ने दम तोड़ दिया था। इस हादसे के जख्म अब भी हरे हैं, बचे लोग बीमारियों की जद में हैं और उनका जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष जारी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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