नई शिक्षा नीति में आठवीं क्लास तक अनिवार्य होगी हिंदी, फिर छिड़ सकता है भाषाई विवाद

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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता कई मौकों पर हिंदी को देश की भाषा और हिंदी के देश पर थोपने के आरोप लगते रहे हैं एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता हिंदी को देशभर में लागू करने को लेकर भी बात कहते रहे हैं. इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को इस तरीके से देखा जाता है कि वह हिंदी भाषा को समर्थन करते हैं और ऐसे ही आगे बढ़ाने का काम करते हैं वही अब एक खबर कुछ दिनों से बताई जा रही थी कि नई शिक्षा नीति में हिंदी को अनिवार्य किया जा सकता है लेकिन अब खुद केंद्र सरकार के मंत्री प्रकाश जावेडकर ने इन सभी खबरों का खंडन किया है.

आठवीं कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य बनाते हुए 3 भाषा फार्मूला पूरे देश में विज्ञान और गणित को एक समान सिलेबस रखने की बात सामने कहीं जा रही थी इसके अलावा बताया जा रहा था कि जनजातीय समूह के लिए अलग देवनागरी उपभाषा और हुनर आधारित शिक्षा मुख्य सिफारिशें हैं जो कि के कस्तूरीरंगन की अगुवाई वाली 9 सदस्य की कमेटी ने एक रिपोर्ट में सौंपी थी.

इस रिपोर्ट की बात सामने आने के बाद यह लोगों ने कहा जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी हिंदी को अनिवार्य पूरे देश में बना सकती है वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह खबर थी कि इस कमेटी ने 31 दिसंबर 2018 को अपने कार्यकाल समाप्त होने से पहले पिछले महीने ही मानव संसाधन को यह रिपोर्ट अपनी सौंप दी थी.

वहीं अब इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा है कि रिपोर्ट तैयार है और कमेटी के सदस्यों ने उनसे मिलने का समय मांगा है वहीं संसद सत्र के पास रिपोर्ट उन्हें मिलेगी सूत्रों के मुताबिक सरकार इस पॉलिसी को सार्वजनिक कर इस पर सुझाव मांग सकती है. हालांकि इस बात को लेकर अभी तक सरकार के किसी भी मंत्री ने कोई बात नहीं कही है.

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