प्रणॉय ने अर्जुन अवार्ड नामांकन को लेकर बीएआई को लताड़ा

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भारतीय टीम के स्टार पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी एच.एस. प्रणॉय ने अर्जुन अवार्ड के पैमानों पर सावल उठाए हैं और कहा है कि जिन लोगों ने कुछ भी हासिल नहीं किया उन्हें भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने राष्टीय अवार्ड के लिए नामांकित किया है। प्रणॉय ने कहा कि जिन लोगों ने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैम्पियनशिप में पदक जीते उन्हें बीएआई ने नजरअंदाज किया। बीएआई ने मंगलवार को सात्विकसाइराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी के अलावा समीर वर्मा को अर्जुन अवार्ड के लिए नामांकित किया।

इस पर प्रणॉय ने ट्वीट करते हुए लिखा, “वही पुरानी कहानी। जिन लोगों ने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैम्पियनशिप में पदक जीते उन्हें संघ द्वारा नामांकित नहीं किया गया। जो खिलाड़ी इन टूर्नामेंट्स में था भी नहीं उसे नामांकित किया गया। वाह। यह देश मजाक है।”

प्रणॉय ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीता था। इसके अलावा 2018 एशियाई चैम्पियनशिप में पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीता था।

उन्हें पारूपल्ली कश्यप का भी साथ मिला। कश्यप ने प्रणॉय के ट्वीट पर रिप्लाई दिया, “अवार्ड के लिए अपील करने का सिस्टम कभी समझ में नहीं आया। मुझे उम्मीद है कि यह बदलेगा। मजबूत रहो भाई।”

रैंकीरड्डी और चिराग शेट्टी ने बीते दो साल में मिलकर शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने पिछले साल थाईलैंड ओपन का खिताब अपने नाम किया था और फ्रेंच ओपन में उप-विजेता रहे थे। साथ ही चीन ओपन सुपर 750 के सेमीफाइनल में पहुंचे थे।

वहीं समीर ने 2018 में तीन खिताब अपने नाम किए और विश्व रैंकिंग में 11वां स्थान हासिल किया। उनके शानदार प्रदर्शन से वह 2018 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में जगह बनाने में सफल रहे थे। बीएआई ने भास्कर बाबु और एस. मुरलीधरन को द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए नामांकित किया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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