राष्ट्रपति के रूप में अपने अनुभवों पर किताब लिखेंगे प्रणब

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई सर्जिकल स्ट्राइक, विमुद्रीकरण और अन्य प्रसिद्ध घटनाओं के अंदर की कहानी पर एक किताब लिखेंगे। यह किताब उनकी आत्मकथा श्रंखला के चौथे हिस्से के रूप में होगी। अपनी श्रेणी में पहली बताई जा रही यह किताब दिसंबर में प्रकाशित होगी और इसमें भारत के 13वें राष्ट्राध्यक्ष के कार्यकाल का संपूर्ण विवरण है।

‘द प्रेसिडेंशियल ईयर्स’ का प्रकाशन अधिकार ‘रूपा पब्लिकेशंस’ के पास है, जिसने मुखर्जी की आत्मकथा के पिछले तीनों भागों- ‘द ड्रामेटिक डिकेड’, ‘द टब्र्यूलेंट ईयर्स’ और ‘द कोलीजन ईयर्स’ का भी प्रकाशन किया था।

रूपा ने एक बयान में कहा, “आत्मकथा के इस भाग को पढ़ने के बाद पाठकों को राष्ट्रपति भवन की कार्यप्रणाली, उस समय चर्चा में रहे मुद्दों की अंदरूनी खबरों को करीब से जानने का मौका मिलेगा। इनमें अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन से लेकर विमुद्रीकरण और सर्जिकल स्ट्राइक, मुखर्जी के प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार से रिश्ते और विधायिका, कार्यकारी और न्यायपालिका की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका मिलेगा।”

मुखर्जी की आत्मकथा श्रंखला की पिछली किताब ‘द कोलीजन ईयर्स’ ने राजनीतिक नजरिया प्रदान करने के साथ-साथ कुछ दुर्लभ रहस्यों से भी रूबरू कराया था।

2012-2017 के दौरान राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर स्थित मुख्यालय का दौरा कर चर्चा में हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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