Madhya Pradesh में किसानों पर सियासी संग्राम

0

मध्यप्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव से पहले किसान को लेकर सियासी दलों में संग्राम छिड़ गया है। दोनों ही दल भाजपा और कांग्रेस अपने को एक दूसरे से बेहतर किसान हितैषी बताने में लग गए हैं।

राज्य में 28 विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होने वाले हैं, इनमें अधिकांश सीटें ग्रामीण इलाके से आती हैं और कृषि कार्य से जुड़े लोग ज्यादा मतदाता हैं। यही कारण है कि दोनों दलों ने अपने को किसान का बड़ा पैरोकार बताना शुरू कर दिया है।

fruits and vegetables के दाम में नरमी, लेकिन प्याज निकाल रहा आंसू

राज्य में सत्ता में हुए बदलाव के बाद से कांग्रेस और भाजपा के बीच किसान कर्जमाफी केा लेकर तकरार चली आ रही है, मगर विधानसभा में कृषि मंत्री कमल पटेल द्वारा 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किए जाने का ब्यौरा देकर इस तकरार को और तेज कर दिया है।

कृषि मंत्री पटेल द्वारा कर्जमाफी की बात स्वीकारे जाने के बाद से कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि भाजपा और उसके नेता कितना झूठ बोलते हैं यह बात अब सामने आ गई है। कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था, उस पर अमल हुआ तभी तो 27 लाख किसानों का कर्ज माफ हुआ है। अब भाजपा और शिवराज सरकार इस सवाल का जवाब दे कि झूठ कौन बोलता है।

वहीं दूसरी ओर शिवराज सिंह चौहान सरकार किसानों के हित में कई फैसले ले रही है। एक तरफ जहां प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजा राशि डाली गई है, वहीं किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की ही तरह राज्य के किसानों को चार हजार रूपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त सम्मान निधि देने का ऐलान किया गया है। इस तरह राज्य के किसानों को कुल 10 हजार रूपये सम्मान निधि के तौर पर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सरकार पूरा सुरक्षा चक्र प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार एक के बाद एक किसानों के हित में फैसले ले रही है। पहले किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फ सल ऋण उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की गई, फि र उनके खातों में गत वषरें की फ सल बीमा की राशि डाली गई। अब सम्मान निधि दी जाएगी।

दोनों ही राजनीतिक दल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर किसानों को केंद्र में रखकर चल रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वर्ग के मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक है। साथ ही खुद को बड़ा हितैषी और दूसरे को किसान विरोधी बताना उनका लक्ष्य हो गया है। सभाओं से लेकर तमाम आयोजनों में किसान बड़ा मुददा होता है।

राजनीतिक विष्लेषक भारत शर्मा का कहना है कि, किसान हमेशा छला गया है, राजनीतिक दल तरह-तरह के वादे कर किसानों को लुभाते है, उनके लिए योजनाओं का ऐलान करते हैं, मगर हकीकत कुछ और होती है। वास्तव में इन राजनीतिक दलों के फैसले किसानों के हित में होते तो आज किसान इस हालत में नहीं होता। किसान इन राजनीतिक जुमलेबाजी को समझ नहीं पाता और उनके जाल में फंस जाता है। वर्तमान में भी ऐसा ही हो रहा है। जिस दिन किसान इन दलों के मंसूबों को पहचान जाएगा, उस दिन हालात बदलने के लिए सरकारों को मजबूर होना पड़ेगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleTamil Nadu : ऋण के लिए ‘हिंदी जानना जरूरी’ कहने वाले बैंक मैनेजर का तबादला
Next articleAnurag Kashyap vs Kangana Ranaut: कंगना ने एक बार फिर किया अनुराग पर वार, दिखाया डायरेक्टर का असली चेहरा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here