कर्ज वसूली के लिए 4000 संपत्तियों की ई-नीलामी करेगा पीएनबी

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सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बुधवार को कहा कि उसने कर्ज वसूली के प्रयासों के तहत देश भर में 4,000 संपत्तियों की ई-नीलामी का फैसला किया है। बैंक के मुताबिक, यह नीलामी वित्तीय परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति ब्याज प्रवर्तन अधिनियम (एसएआरएफएईएसआई) के तहत की जा रही है, जिससे बैंक को वित्त वर्ष 2018-19 में 26,000 करोड़ रुपये की वसूली करने में मदद मिलेगी।

बैंक ने 31 दिसंबर, 2018 तक कुल 16,600 करोड़ रुपये की वसूली की है।

बैंक ने एक बयान में कहा, “यह उम्मीद की जाती है कि इन 4,000 परिसंपत्तियों की नीलामी से बैंक की समग्र वसूली बढ़ेगी।”

हाल ही में पीएनबी ने दिसंबर 2018 में समाप्त तिमाही में 247 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था, जबकि वित्त वर्ष 2017-18 की समान तिमाही में बैंक ने 230 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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