पीएम मोदी ने आरजेडी के नौकरी वाले अदाओं को बताया रिश्वत कमाने का तरीका

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रचार प्रसार की शुरुआत कर दी है। चुनाव प्रचार प्रसार के पहले दिन उन्होंने सासाराम, गया और भागलपुर में तीन जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ रहे। भागलपुर के आखिरी रैली में नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके द्वारा किया गया 10 लाख नौकरियां देने का वादा मात्र रिश्वत कमाने का तरीका है।
पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने सरकारी नौकरियों को रिश्वत का जरिया बना लिया था, वे फिर से युवाओं पर नजर गड़ाए बैठे हैं। उन्हें नौकरी से मतलब नहीं बल्कि रिश्वत का साधन चाहिए। बिहार की जनता उनके इस चाल को समझ चुकी है और उन्हें इसमें सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जब मौका मिले तो उन्होंने राज्य की जनता का कल्याण करने की बजाय सिर्फ अपनी तिजोरियों को भरा और अब नौकरी की बात कर रहे हैं।
मोदी ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि, यह किसी से छिपा नहीं है। गुंडों और अपराधियों का राज था। एनडीए की सरकार आने के बाद ऐसे लोगों को जेल भेजा गया। बिहार की जनता फिर उस दौर में नहीं जाना चाहती है। महागठबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज तो स्थिति यह हो गई है कि देश विरोधी ताकतों से हाथ मिलाते हुए लोग हिचकिचा नहीं रहे हैं।
सभा में भाषण देते वक्त नए किसान कानून पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की कुछ लोग एमएसपी और मंडी को लेकर किसानों में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने पूछा कि राजद की सरकार 15 साल तक रही, तब उन्हें किसानों के एमएसपी की याद नहीं आई। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने एमएसपी को बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दिया है। बिहार में एपीएमसी एक्ट को पहले ही खत्म कर दिया गया है। अब यहां के किसानों के लिए इंफ्रस्ट्रक्चर पर काम चल रहा है।

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