PLI योजना क्या है आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपये के उत्पादन का अनुमान

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पीएलआई योजना को लेकर बजट प्रावधानों पर आयोजित सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने उद्योगों से देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही विदेशों के लिए भी माल का उत्पादन करने को कहा। वेबिनार का आयोजन उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) और नीति आयोग ने किया। मोदी ने कहा कि आईटी हार्डवेयर और दूरसंचार उपकरणों के विनिर्माण के लिए मंजूर की गई पीएलआई योजना से इन उद्योगों में उत्पादन में भारी वृद्धि होगी और घरेलू मूल्य वर्धन को बढ़वा मिलेगा।

उन्होंने कहा, ”आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में चार साल में तीन लाख करोड़ रुपये का उत्पादन हासिल करने का अनुमान है, वहीं घरेलू मूल्य वर्धन मौजूदा 5-10 प्रतिशत से बढ़कर पांच साल में 20- 25 प्रतिशत तक पहुंच जायेगा।इसी प्रकार दूरसंचार उपकरणों के विनिर्माण में भी पांच साल में ढाई लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हासिल होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ”हम इस क्षेत्र से दो लाख करोड़ रुपये के निर्यात की स्थिति में होंगे।  दवा क्षेत्र के बारे में मोदी ने कहा कि पीएलआई योजना के तहत अगले पांच से छह साल के दौरान इसमें 15,000 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इससे औषधि क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपये की बिक्री बढ़ेगी और दो लाख करोड़ रुपये का निर्यात बढ़ेगा।

पीआईएल योजना का उद्देश्य उन्होंने कहा, ”उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना से दूरसंचार, ऑटो, औषधि, कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पीएलआई योजना का मकसद देश के भीतर विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना और निर्यात में तेजी लाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से समूचे कृषि क्षेत्र को फायदा होगा। ”ऑटो और फार्मा क्षेत्र में पीएलआई योजना से वाहन कलपुर्जों, चिकित्सा उपकरणों और दवाओं के लिये कच्चे माल के लिये विदेशों पर निर्भरता रह जायेगी। वहीं आधुनिक सेल बैटरियों, सौर पीवी माड्यूल और स्पेशियलिटी स्टील की मदद से देश में ऊर्जा क्षेत्र का आधुनिकीकरण किया जा सकेगा।

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