योजना /केंद्र सरकार दिल्ली के अशोका होटल को निजी कंपनी को बेचने की तैयारी में

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जयपुर। सरकार एक तरफ जहां आर्थिक मंदी से गुजर रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर हमेशा आरोप लगा रहता है कि वह निजी करण की ओर जाती है. इसमें अब एक और खबर यह आ रही है कि सरकार ऐतिहासिक अशोक होटल को अब निजी कंपनी को बेचने की तैयारी में है बताया जा रहा है कि होटल मौजूदा वक्त में सरकार भारतीय पर्यटन विकास निगम के अंतर्गत आता है और यही होटल को लीज पर देने का काम करती है.

वही आपको बता दें कि मीडिया में इस तरह की खबरें आई है कि आईडीटीसी चालू वित्त वर्ष में इस होटल को निजी हाथों में सौंप सकती है. वहीं इसके अलावा बताया जा रहा है कि नीति आयोग ने हाल ही में प्रस्ताव पेश करके होटल को 60 सालों के लिए किसी प्राइवेट कंपनी को देने की सलाह दी थी दो इस होटल को दोबारा से डिजाइन कर और इसका प्रबंधन देख सके.

वहीं इसके अलावा होटल का निर्माण देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा साल 1955 में कराया गया था और यह होटल संसद और राष्ट्रपति भवन के बिल्कुल नजदीक है जिसके अंतर्गत 550 कमरे और 160 शूट्स है वहीं होटल में करीब 1000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं जिसकी योजना के संचालन में करीब ₹3500000 का खर्च आता है.

वही आपको बता दें कि इस होटल को लेकर आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि इस होटल में आप तौर पर 50% कमरे ही बुक हो सकते हैं बुक होते हैं और खैर सर्दियों में यह आंकड़ा बढ़कर बढ़कर 80% तक हो जाता है.

इसके अलावा इस होटल को बनाने के पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है दरअसल भारत नया-नया आजाद हुआ था और यूनेस्को सुमित को भारत में कराने के लिए उत्सुकता थी नेहरू ने 1955 में पेरिस में यूनेस्को फोरम की बैठक में सुझाव दिया था कि भारत अगले साल सम्मिट करने के लिए तैयार है हालांकि उस वक्त भारत में एक भी फाइव स्टार होटल नहीं था जहां विश्व भर के आने वाले गेस्ट को ठहराया जा सके ऐसे में नेहरू ने अशोक को बनवाया था.

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