बुजुर्ग कैदियों की रिहाई को लेकर Allahabad High Court में पीआईएल दायर

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कोरोनावायरस के बढ़े मामलों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार के जेल प्रशासन विभाग और उत्तर प्रदेश उच्चाधिकार प्राप्त समिति को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे उन कैदियों की रिहाई पर विचार करें, जो 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं या कई बीमारियों से ग्रसित हैं।

जनहित याचिका मनमोहन मिश्रा द्वारा दायर की गई थी, जो इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक वकील हैं।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से यह निर्देश देने का आग्रह किया है कि वह राज्य भर की अदालतों के सामने लंबित अग्रिम जमानत अर्जियों, पैरोल अर्जियों आदि के फौरन निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए ताकि जेल में कैदियों की भीड़ को कम किया जा सके।

न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति सुभाष चंद्र शर्मा की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है और याचिका के जवाब में अपना लिखित जवाब देने को कहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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