इस हॉट योगा टीचर की तस्वीरों ने बढ़ाया सोशल मीडिया का तापमान

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दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसी महिला हॉट योगा टीचर के बारे में बताएंगे जिसने अपनी कुछ तस्वीरों से पूरे सोशल मीडिया पर आग लगा दी हें । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, इसकी कुछ तस्वीरें आजकल सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही हें । इस योगा टीचर का नाम दीपका मेहता हैं जो कि भारत की एक प्रसिद्ध अष्टांग योग टीचर हैं । अपने फिगर को लेकर दीपका काफी चर्चित हैं । लगभग पूरी दुनिया में हर साल 21 जून को योग दिवस मनाया जाता हैं ।

बता दें कि, दीपका मेहता को साल 2004 में एला महिला का नाम दिया गया था । आपको जानकर हैरानी होगी कि 1997 में दीपका के रीढ़ की हड्डी में बहुत गहरी चोट लग गई थी। जिसके बाद डॉक्टरों ने कहा था कि वह फिर कभी नहीं चल पाएंगी मगर दीपका ने साल 2002 में योग की अष्टांग तकनीक की खोज की, जिससे उन्हें फिर से चलने में मदद मिली । आज दीपका मेहता इंटरनेशनल स्टार बन चुकी भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के साथ उनके फिटनेस ट्रेनर के तौर पर काम चुकी हैं ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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