फिलीपींस : प्रदर्शनकारियों ने दुतेर्ते, ट्रंप और शी के पुतले फूंके

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राष्ट्रीय राजधानी मनीला में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को क्रांतिकारी वामपंथी नेता आंद्रेस बोनीफेसियो की 155वीं जयंती के मौके पर फिलीपींस, अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों के पुतले फूंके। बोनीफेसियो को देश में 19वीं सदी में स्पेनवासियों के खिलाफ विद्रोह का जनक माना जाता है। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, दर्जनों पुलिसकर्मियों ने एस्पाना वोलेवार्ड से मेंडियोला तक चले जुलूस का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राष्ट्रपति दुतेर्ते ने सरकार की विदेश नीति में वाशिंगटन और बीजिंग के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

उन्होंने कहा कि दुतेर्ते प्रशासन की नीतियां विदेशी आक्रमकता का विद्रोह करने वाले उनके नायक बोनीफेसियो के विचारों का खंडन करती हैं।

नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी तख्तियां लहराते हुए अमेरिकी दूतावास और राष्ट्रपति निवास की तरफ जाने का भी प्रयास कर रहे थे जहां टीएम कलाव एवेन्यू में पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दुतेर्ते, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले फूंके।

प्रदर्शनकारी दुतेर्ते प्रशासन से वेतन बढ़ाने की भी मांग कर रहे थे जिससे जनता हाल ही में तेल की बढ़ती कीमतों के बाद आई मंहगाई से राहत पा सके।

उन्होंने जेल में बंद कम्युनिस्ट नेताओं की रिहाई की भी मांग की।

यह जुलूस वामपंथी संगठनों ‘बायन मुना’ और ‘किलुसांग मायो उनो’ ने बोनीफेसियो की जयंती के अवसर पर आयोजित किया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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