9 दिन बाद फिर बढ़ा पेट्रोल का दाम, डीजल की कीमत भी बढ़ी

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पेट्रोल और डीजल के दाम में गुरुवार को फिर वृद्धि दर्ज की गई। देशभर में नौ दिन बाद पेट्रोल के दाम में इजाफा हुआ है जबकि डीजल की कीमत में एक दिन के विराम के बाद फिर वृद्धि दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम में पांच पैसे जबकि चेन्नई में छह पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की। वहीं, डीजल का दाम फिर दिल्ली और कोलकाता में 10 पैसे जबकि मुंबई और चेन्नई में 11 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया। देश की राजधानी दिल्ली में डीजल का दाम फिर से 67 रुपये प्रति लीटर के ऊपर चला गया है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम बढ़कर क्रमश: 74.68 रुपये, 77.34 रुपये, 80.34 रुपये और 77.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

चारों महानगरों में डीजल की कीमत बढ़कर क्रमश: 67.09 रुपये, 69.50 रुपये, 70.39 रुपये और 70.93 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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