कोरोना से बचने के लिए पुणे में रहने वाले शख्स ने बनवाया ‘गोल्ड मास्क’, कीमत जान उड़ जाएंगे आपके होश

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कोरोना की इस जंग में महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवाड़ में एक शख्स ने सोने का मास्क बनवाया है । इस मास्क की कीमत 2.89 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मास्क को विशेष रूप में कोरोना के लिए ही बनवाया गया है । कुराडे ने बताया कि, इस मास्क में बहुत ही छोटे-छोटे छेद हैं, जिससे सांस लेने में किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होती है । सोने के शौकीन शंकर ने अपने शरीर में लगभग 3 किलो सोना पहना हुआ है । उनके गले में सोने की मोटी-मोटी चेन, हाथों की दसों उंगलियों में सोने की अंगूठियां और कलाई में ब्रेसलेट उनके सोने के प्रति प्रेम को दर्शाती है ।

आपको बता दें कि, शंकर को बचपन से ही सोना पहनने का बहुत शौक है । उन्होंने बताया, ‘मैंने कोल्हापुर में एक शख्स को चांदी का मास्क पहने हुए टीवी पर देखा और मेरे मन में भी सोने का मास्क बनवाने का विचार आया और उसके बाद मैंने इस तरह का मास्क बनबाया ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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