कारगिल की खूबसूरती देखने पर लोग विदेश जाना भूल जाएंगे : Tourism Minister Prahlada

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केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से लेह-लद्दाख और कारगिल का तेजी से विकास हो रहा है। केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के अंतर्गत आने वाले कारगिल को पर्यटन के मोर्चे पर दुनिया में पहचान दिलाने का लक्ष्य है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी जरूरी आधारभूत संसाधनों के विकास का खाका तैयार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कारगिल इतना आकर्षक है कि यहां आने के बाद अपने देश के लोग विदेश जाना भूल जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, वैश्विक स्तर की अपार संभावनाओं के बावजूद पर्यटन के नक्शे पर कारगिल को उतनी ख्याति नहीं मिल सकी, जितनी मिलनी चाहिए थी। लेकिन, अब युद्धस्तर पर कार्य शुरू हुआ है। लेह-लद्दाख और कारगिल में सभी तरह की संभावनाओं को तराशने में पर्यटन और संस्कृति दोनों मंत्रालय जुटे हैं। कारगिल को लेकर लोगों की धारणा भी बदल रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा, भारत से 2.20 करोड़ लोग बाहर (विदेश) घूमने के लिए जाते हैं और बाहर से 1.80 करोड़ हमारे यहां आते हैं। कारगिल में क्या नहीं है हमारे पास? शायद हम लोगों की इसकी खूबसूरती के बारे में बता नहीं पाए। इसका परसेप्शन बिगाड़ने की कोशिश हुई, जिसे अब सुधारा जा रहा। पूरे केंद्रशासित प्रदेश के लिए विकास योजनाओं का पिटारा खोलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिनंदन के पात्र हैं।

यहां नेशनल लेवल इवेंट्स ऑफ एडवेंचर टूरिज्म (नीट कारगिल 2021) का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने आईएएनएस से बातचीत में कारगिल की खूबसूरती को दुनिया को दिखाने के लिए अपना प्लान साझा किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मीडिया प्लान के तहत वीडियो बनाकर मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले जा रहे हैं।

कारगिल के खूबसूरत इलाकों के बारे में दुनिया के लोगों को जानकारी देने की दिशा में कार्य चल रहा है। यहां आने वाले लोग अपने वीडियो बनाकर मंत्रालय की वेबसाइट पर डाल सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कोरोना से पहले वह संस्कृति और पर्यटन दोनों मंत्रालयों के अफसरों को लेकर लद्दाख लाए थे। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी थी कि यहां के लोगों को किसी कार्य के लिए दिल्ली का चक्कर न काटना पड़े, बल्कि मंत्रालय खुद स्थानीय निवासियों तक पहुंचे और उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करे। इसका नतीजा है कि आज कारगिल में साहसिक खेलों की ट्रेनिंग देने वाले इंस्टीट्यूट को खोलने की दिशा में कवायद शुरू हो पाई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, लद्दाख के लोगों ने एडवेंचर टूरिज्म की तरफ हमारा ध्यान दिलाया तो गुलमर्ग की तरह अब कारगिल में भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान (आईआईएसएम) खोलने की दिशा में कार्य शुरू हुआ है। हफ्तेभर में जमीन मिल जाएगी। इसके बाद बजट जारी होगा और कुछ समय में यहां इंस्टीट्यूट बनकर तैयार हो जाएगा। यहां लोगों को स्कीइंग और पर्वतारोहण की ट्रेनिंग मिलेगी और वे इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भाग लेंगे। इंस्टीट्यूट बनने से एडवेंचर टूरिज्म इंडस्ट्री तैयार होगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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