बारिश के बाद निकले इस दुर्लभ सांप की खूबसूरती देख दंग रह गए लोग

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दोस्तों हाल ही में, उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क में बरसात के बाद एक ऐसा दुर्लभ सांप देखने को मिला जिसकी खूबसूरती देख लोग दंग रह गए । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, इस सांप की तस्वीर वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन संगठन वाइल्डलेंस द्वारा ट्विटर पर साझा की गई हैं । लाल रंग के इस सांप की प्रजाति को रेड कोरल कुकरी कहा जाता है ।

इस दुर्लभ प्रजाति के सांप को दुधवा में सबसे पहली बार साल 1936 में देखा गया था। इस सांप का जूलॉजिकल नाम “ओलिगोडोन खेरिएन्सिस” है । भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रमेश पांडे के मुताबिक, रेड कोरल कुकरी सांप को पिछले कुछ सालों में चार बार देखा जा चुका है ।

वाइल्डलेंस ने इस दुर्लभ प्रजाति के सांप की तस्वीर को साझा करते हुए लिखा कि ‘दुधवा नेशनल पार्क विविधता और आश्चर्य से भरा है। रेड कोरल कुकरी सांप, एक बहुत ही दुर्लभ सांप है ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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