इन दोनों को साथ में देखकर लोग खा जाते हैं धोखा, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

0
66

जब भी आप किसी लड़के और लड़की को साथ मे देखते हैं तो आप सोचते हैं कि यह शायद इसकी गर्लफ्रें होगी ​इसलिए तो ये एक दूसरे के साथ है, मगर अकसर आंखों से देखा गया झूठ भी हो सकता हैं । जैसा की बोल्टन में रहने वाली शिम्मी मुंशी के साथ अक्सर होता है, क्योंकि जब भी वो 20 साल के अमीन के साथ कहीं जाती है तो लोग अक्सर उनको देखकर धोखा खा जाते हैं । बता दे कि अमीन शिम्मी मुंशी उनका बेटा है। जो कि करीब 20 साल का है।

दरअसल, शिम्मी मुंशी की उम्र करीब 41 साल की है मगर वह दिखने मे करीब 20 साल की दिखाई देती है । जिसके कारण जब वह अपने बेटे अमीन के साथ कहीं पर जाती है तो लोग धोखा खा जाते हैं । बता दें कि शिम्मी के मासूम चेहरे को देख उसके सभी दोस्त और परिजन भी उससे जलते हैं । सबसे दिलचस्प बात ये है कि शिम्मी पिछले 10 साल से एक ऐसी बीमारी से परेशान है जिसके कारण वह हर दिन करीब 60 से ज्यादा बार उल्टीयां करती है ।

 


SHARE
Previous articleमार्केट से सब्जी खरीदने गई थी ये महिला, घर वापस लौटी तो बन गई करोड़पति !
Next articleएग्जिट पोल आने के बाद CM शिवराज ने ये क्या कहा….
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here