उम्र के इस पडाव में भी शारीरिक संबंध का मजा लेते हैं लोग

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अकसर आपने अपने दोस्तों से सुना होगा कि एक उम्र तक ही आप शारीरिक संबंध का मजा ले सकते हैं जिसके बाद इसके बारे में सोचना भी मुश्किल होता हैं मगर आज हम आपको कुछ ऐसा बताने जा रहे है जिसके बाद आप भी चौक जाएंगे । दरअसल एक सर्वे में इस बात का पता चला है कि लोग करीब 70 से 80 साल की उम्र तक शारीरिक संबंध का मजा लेते हैं ।

आज भी उम्रदराज पुरूष और महिलाओं के बीच सेक्स एक ऎसा विषय है जिसपर कोई खुलकर बात नहीं करता । क्योकि लोगों की सोच में यह शब्द एक गंदा शब्द है जिस पर कोई भी बात नही करना चाहता है । मगर एक रिसर्च से ये बात साफ हो चुकी है कि 70 और 80 की उम्र के बाद भी बुजुर्ग सेक्स के मामले में काफी एक्टिव रहते हैं ।

आपको बता दें कि इस सर्वे में करीब 7000 उम्रदराज पुरूष और महिलाओं को शामिल किया गया । जिनमें 54 प्रतिशत पुरूष और 31 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि वे सेक्स करते है ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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