पीबीएल-4 : रोमांचक मुकाबले में मुम्बई को 4-3 हरा बेंगलुरू बना चैम्पियन

0
81

कप्तान और स्टार खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत की अगुवाई में बेंगलुरू रैप्टर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार को कांतिरावा स्टेडियम में मुम्बई रॉकेट्स को 4-3 से हराते हुए वोडाफोन प्रीमियर लीग (पीबीएल) के चौथे सीजन का खिताब जीत लिया। बेंगलुरू ने पहली बार यह खिताब जीता है। इस मैच में श्रीकांत के अलावा थी थ्रांग वू ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच जीत अपनी टीम को खिताब तक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। श्रीकांत ने बेंगलुरू को ऐसे समय में जीत दिलाई, जब वह 0-2 से पीछे थे।

इसके बाद वू ने अपना ट्रम्प मैच जीतते हुए अपनी टीम को 3-2 से आगे कर दिया, लेकिन यहां मुंबई के समीर वर्मा ने बेंगलुरू के बी. साई. प्रणीत को मात दे स्कोर 3-3 से बराबर कर मुकाबले को आखिरी मैच में पहुंचा दिया।

मैच का फैसला पुरुष युगल के आखिरी मैच से निकला जहां बेंगलुरू ने मुंबई को मात देते हुए खिताबी जीत हासिल की।

दिन की शुरुआत में मिश्रित युगल मुकाबले में रॉकेट्स के किम जी जुंग और पिया जेबादिया बेनार्देथ ने अपने ट्रम्प मैच में मार्कस एलिस और लॉरेन स्मिथ को 15-8, 15-14 हराया और अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी।

जुंग और जेबादिया ने पहला गेम 15-8 से जीता। दूसरे गेम में एक समय बेंगलुरू की टीम 6-3 से आगे थी लेकिन रॉकेट्स ने जल्द ही 8-8 की बराबरी कर ली। इसके बाद बेंगलुरू ने 11-9 की बढ़त बना ली लेकिन रॉकेट्स ने 13-13 की बराबरी के साथ गेम को रोमांचक मोड़ पर ला दिया। दोनों के बीच 14-14 की बराबरी के साथ मैच अंतिम शॉट तक गया, जिसमें रॉकेट्स ने बाजी मारते हुए दो अंक हासिल कर लिए।

इसके बाद श्रीकांत का सामना एंटोनसेन से हुआ, जिसमें श्रीकांत 15-7, 15-10 से विजयी रहे और अपनी टीम की वापसी कराई। स्कोर अब भी हालांकि मुम्बई के पक्ष में 2-1 था।

श्रीकांत ने पहला गेम 15-7 से जीता। श्रीकांत ने 4-0 के साथ शुरूआत की और अंत तक अपनी बढ़त को बनाए रखा। दूसरे गेम में एंटोनसेन ने श्रीकांत को कड़ी टक्कर दी। श्रीकांत ने 5-3 की बढ़त के साथ शुरुआत की थी लेकिन एक समय मुकाबला 6-6 की बराबरी पर आ गया था। इसके बाद हालांकि श्रीकांत ने 7-6 की बढ़त हासिल की और उसे अंत तक बनाए रखते हुए अपनी टीम को बेहद जरूरी एक अंक दिलाया।

महिला एकल मुकाबले में रैप्टर्स की थी थ्रांग वू ने ट्रम्प मैच में मुम्बई की श्रेयांसी परदेसी को चुनौती दी। वू ने यह मैच 15-8, 15-9 से जीतते हुए स्कोर को 3-2 से आगे कर दिया। पीबीएल में ट्रम्प मैच जीतने वाली टीम को दो अंक मिलते हैं।

वू ने पहला गेम आसानी से 15-8 से अपने नाम किया। शुरूआत हालांकि अच्छी रही थी। एक समय स्कोर 8-6 था लेकिन जल्द ही वू ने अपनी बढ़त को मजबूत किया और लगातार अंक हासिल करते हुए बड़े अंतर से यह गेम अपने नाम किया।

दूसरे गेम में परदेसी ने अच्छा आगाज किया और एक समय 8-8 की बराबरी पर थीं लेकिन वू ने इसके बाद बढ़त हासिल की और उसे मजबूत करते गईं। अंतत: वू ने यह गेम 15-9 से जीतते हुए अपनी टीम को दो बेहद महत्वपूर्ण अंक दिलाए और उसे 3-2 से आगे कर दिया।

इसके बाद साई प्रणीत का सामना समीर से हुआ। समीर ने यह मैच 7-15, 15-12, 15-3 से जीतते हुए मुंबई को 3-3 की बराबरी दिला दी।

पहले गेम के हाफ टाइम तक प्रणीत 8-1 से आगे थे और 15-7 से यह गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में शुरूआत तो बराबरी की हुई लेकिन समीर ने 5-2 की बढ़त बना ली। प्रणीत ने वापसी की और स्कोर को 8-8 तक ले गए। इसके बाद प्रणीत ने 10-8 की बढ़त बना ली लेकिन समीर ने वापसी करते हुए स्कोर 11-11 कर दिया। इसके बाद समीर ने 15-12 से गेम जीतकर अपनी टीम की वापसी करा दी। समीर ने तीसरा गेम पलक झपकते हुए 15-3 से जीता और अपनी टीम को असमय हार से बचा लिया।

अब दिन का अंतिम मैच निर्णायक हो चुका था, जिसमें बेंगलुरू के मोहम्मद अहसान और हैंड्रा सेतियावान और मुम्बई के ली योंग देई और किम जी जुंग का सामना हुआ। बेंगलुरू की जोड़ी ने मुंबई को जोड़ी को 15-13, 15-10 से परास्त कर बेंगलुरू को खिताब दिलाया।

पहले गेम में स्कोर 3-3 और फिर 6-6 था। यहां से बेंगलुरू की टीम दो अंक लेकर ब्रेक में 8-6 की बढ़त के साथ गई। ब्रेक के बाद गेम रोमांचक हो गया था। बेगंलुरू की टीम ने 11-9 की बढ़त ले ली थी। हालांकि मुंबई को जोड़ी ने अंकों के अंतर को एक तक ला दिया। यहां फिर बेंगलुरू की टीम 14-11 से आगे हो गई। मुंबई की जोड़ी ने दो अंक लेकर बेंगलुरू को झटका दिया लेकिन वह 15-13 से गेम अपने नाम करने में सफल रही।

दूसरे गेम में एहसान और सेतियावान की जोड़ी ने 5-3 की बढ़त ले ली थी। यहा मुंबई की टीम वापसी नहीं कर पाई और मेजबान टीम एक बार फिर ब्रेक में 8-3 की बढ़त के साथ गई। ब्रेक के बाद ली और किम की जोड़ी ने लगातार तीन अंक ले स्कोर 6-8 किया, लेकिन एहसान-सेतियावान ने उन्हें ज्यादा आगे नहीं आने दिया और स्कोर 12-8 कर जीत की तरफ कदम बढ़ा दिए थे और अंतत: 15-10 से जीत गेम के साथ खिताब भी अपनी टीम की झोली में डाल दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleन्यायमूर्ति सीकरी ने सीसेट के पद से अब इंकार किया
Next articleक्या आरबीआई ने 350 और 20 रुपये के नोट जारी कर दिए हैं?
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here