रिटेलर्स से कमीशन नहीं लेगा पेटीएम मॉल

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ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम ने बुधवार को त्योहारी सीजन में एक नई पेशकश की है। कंपनी ने कहा कि वह मोबाइल, लैपटॉप और बड़े अप्लायंस रिटेलर्स से त्योहारी सीजन में कोई कमीशन नहीं लेगी। कंपनी ने कहा कि वह अपने पार्टनर रिटेल/ब्रैंड/ब्रैंड अथॉराइज्ड स्टोर को ज्यादा लाभ पहुंचाना चाहती है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, “हम अपने ऑनलाइन टू ऑनलाइन (ओ2ओ) बिजनेस मॉडल के साथ पेटीएम मॉल ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर आकर्षक पेशकश प्रदान कर रहे हैं।”

पेटीएम मॉल के सीओओ अमित सिन्हा ने कहा, “हमने कमीशन हटाकर अपने भागीदार के साथ रिश्ते को मजबूती प्रदान करने की कोशिश की है। हम उन्हें त्योहारों के मौसम की हर बिक्री का लाभ देना चाहते हैं। हमने त्योहारी सीजन में संयुक्त मार्केट और ग्राहक जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि हमारे भागीदारों के कारोबार में भी वृद्धि हो सके।”

बयान के अनुसार, कंपनी ने कहा कि पेटीएम मॉल इकलौता ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जो रिटेलर्स के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करता, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही डोमेन को प्रोत्साहन देता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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