पेवल्र्ड ने 3 महीने में दिलवाया 10 करोड़ रुपये का ऋण, जानिए इसके बारे में !

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वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाले डिजिटल वन-स्टॉप शॉप पेवल्र्ड ने पिछले तीन महीनों में एनबीएफसी एवं अन्य डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म्स जैसे कैपिटल फ्लोट, हैप्पी लोन और ई-पे के साथ साझेदारी में लघु एवं छोटे उद्यमों को 10 करोड़ रुपये का ऋण दिलावाया है।

कंपनी ने शनिवार को एक बयान में कहा, “लम्बे समय से भारतीय एसएमई सेक्टर के पास ऋण के सीमित विकल्प उपलब्ध थे, ऋण सुविधाओं की उपलब्धता व्यापक नहीं थी। हालांकि पिछले कुछ सालों के दौरान डिजिटल ऋण एवं फिनटेक स्टार्ट-अप्स में तेजी से बदलाव आया है। तकनीक के इस्तेमाल के चलते ऋण आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से दस्तावेज रहित हो गई है।”

बयान में कहा गया, “पेवल्र्ड छोटे, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा रीटेलरों को आसान ऋण सुविधाएं एवं अल्पकालिक नकदप्रवाह उपलब्ध करा रहा है। ऋण का औसत आकार 30,000 से 50,000 रुपये तक है जबकि अंतिम उपयोगकर्ता के लिए औसत ऋण राशि 10,000 रुपये से कम भी है।”

पेवल्र्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण धबाई ने बताया, “जीवन को आसान बनाने के हमारे दृष्टिकोण के मद्देनजर हमने कैपिटल फ्लोट, हैप्पी लोन्स और पे-लेटर के साथ साझेदारी की है ताकि हमारे नेटवर्क में मौजूद रीटेलर अपने कारोबार को बढ़ा सकें। हमने अपने मौजूदा एवं आगामी साझेदारों के सहयोग से वित्त वर्ष 2018-19 तक 1 लाख 55 हजार रीटेलरों को 250 करोड़ रु का ऋण दिलवाने का लक्ष्य तय किया है।”

बयान में कहा गया कि इस साझेदारी के माध्यम से पेवल्र्ड छोटे रीटेलरों को ऋण आसानी से ऋण उपलब्ध करा रहा है।

ग्रामीण भारत में रहने वाले लोग आज भी लम्बे पेपर वर्क एवं लोन के बारे में कम समझ के चलते ऋण सेवाओं से वंचित हैं। ऐसे में वे स्थानीय साहूकारों से ऋण लेकर ऊंची ब्याज दरें चुकाते हैं। कैपिटल फ्लोट, हैप्पी लोन और ई-लेटर के सहयोग से पेवल्र्ड इन ग्रामीणों के लिए ऋण प्रक्रिया को बेहद आसान और सुलभ बनाएगा।

पेवल्र्ड समाज के उस वर्ग तक अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत है जो आज भी वित्तीय सेवाओं के नेटवर्क से बाहर है और पारम्परिक ऋण सुविधाओं की जटिलता के चलते ऋण सेवाओं से वंचित है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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