‘मिनी आईश’ के रूप में काम करेगा पटना आईजीआईएमएस का आउटरीच सेंटर : Ashwini Choubey

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बुधवार को कहा कि अखिल भारतीय वाक एवं श्रवण संस्थान मैसूर (आईश) में नामांकन प्रवेश परीक्षा के लिए बिहार के छात्रों को दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। पटना में भी सेंटर खुलेगा। उन्होंने कहा कि भागलपुर के जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज में चल रहे सेंटर में डिप्लोमा के साथ डिग्री की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पटना कैंपस में संस्थान का आउटरीच सेंटर मिनी आईश के रूप में काम करेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री चौबे बुधवार को अखिल भारतीय वाक एवं श्रवण संस्थान की निदेशक प्रोफेसर डॉ. पुष्पावती के साथ बिहार के संदर्भ में समीक्षा बैठक की।

इससे पूर्व दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन एवं केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री विश्व श्रवण दिवस के मौके पर देशभर में अखिल भारतीय वाक एवं श्रवण संस्थान के छह आउटरीच सेंटरों का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया।

इसमें पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईजीआईएमएस) पटना का एक आउटरीच सेंटर शामिल है।

फरवरी 2019 में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने संस्थान के मैसूर मुख्यालय का भ्रमण किया था। इसके उपरांत पटना एम्स में आउटरीच सेंटर खोला गया था।

बिहार के बक्सर के सांसद चौबे ने बताया, “पटना एम्स में आउटरीच सेंटर पहले से है और अब आईजीआईएमएस में भी इसकी व्यवस्था हो गई है। यह मिनी आईश के रूप में काम करेगा। इसमें आधुनिक रूप से जांच एवं इलाज की व्यवस्था होगी, जिससे मूक-बधिर बच्चों को काफी लाभ मिलेगा।”

उन्होंने कहा कि भागलपुर के जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज में चल रहे सेंटर में अब डिग्री की भी पढ़ाई होगी। इसकी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निदेशक को निर्देशित किया गया है कि भागलपुर सेंटर में चल रहे डिप्लोमा कोर्स के साथ-साथ डिग्री की भी व्यवस्था की जाए।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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