पासवान ने केजरीवाल को लिखा पत्र, ‘गैर-राजनीतिक व्यक्ति करें पेयजल की जांच’

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केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा कि पीने के पानी की जांच के लिए जो संयुक्त टीम बनाई जाए उसमें कोई राजनीतिक व्यक्ति या गैर-सरकारी अधिकारी शामिल न हो। दिल्ली में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की जांच में गुणवत्ता के 19 मानकों पर दिल्ली जल बोर्ड का पानी विफल पाए जाने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस मुद्दे पर जंग छिड़ गई है।

पासवान ने एक बार फिर दोहराया कि पानी के मसले को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। दिल्ली में नल से आपूर्ति किए जा रहे पानी की दोबारा जांच को लेकर केजरीवाल के पत्र का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “आपका पत्र कुछ देर पहले मिला, जिसमें आपने दिल्ली सरकार एवं दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया एवं दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य शलभ कुमार को (जांच समिति के लिए) मनोनीत किया है।”

उन्होंने कहा, “मेरी जानकारी में दिनेश मोहनिया संगम विहार से विधायक हैं। चूंकि यह आम नागरिकों से जुड़ा हुआ मामला है, मैं यह नहीं चाहता हूं कि इसमें किसी प्रकार की राजनीति हो।”

पासवान ने अपने पत्र में कहा, “हमने संयुक्त टीम के लिए बीएसआई के महानिदेशक एवं उप-महानिदेशक को मनोनीत किया है। अत: आपसे मैं आग्रह करूंगा कि राजनीतिक व्यक्ति की जगह आप दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या बोर्ड के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को मनोनीत करने का कष्ट करें। ”

उन्होंने आगे कहा, “इसी प्रकार समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त सूचना के अनुसार आपके द्वारा पानी के नमूने एकत्र करने के लिए 32 टीम बनाई गई हैं। हमारी तरफ से संयुक्त रूप से यह कार्य हो, इसके लिए बीआईएस के 32 अधिकारियों के नाम की सूची आज ही आपको भेज देंगे।”

उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई टीम में जिन 32 लोगों को शामिल किया गया उनकी जानकारी की मांग करते हुए कहा कि उनमें कोई राजनीतिक व्यक्ति या गैर-सरकारी अधिकारी न हो।

पासवान ने यहां आईएएनएस से कहा कि पानी के नमूने की जांच को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए और इसके लिए गठित की जाने वाली समिति में गैर-राजनीतिक लोग होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि पानी की जांच का काम विषेषज्ञों का है और इसके लिए उसके जानकारों को ही जांच समिति में सम्मिलित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर पारदर्शी तरीके से दिल्ली में पानी की गुणवत्ता की जांच दोबारा करा लें।

पासवान ने कहा, “मैंने बार-बार कहा है कि पानी का मसला आम लोगों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हमने 20 राज्यों में पीने के पानी के नमूने एकत्र कर जांच करवाई है, जिस पर किसी राज्य ने प्रतिकार नहीं किया है।”

उन्होंने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ यही है कि गरीब लोगों को नल के माध्यम से जो पानी मिल रहा है, वह पीने लायक हो।”

उन्होंने कहा कि दिल्ली में नल के पानी की जांच बीआईएस और दिल्ली बोर्ड के अधिकारियों की निगरानी में दोबारा हो और उसकी रिपोर्ट एक महीने में पेश की जाए।

गौरतलब है कि दिल्ली में कृषि भवन और राम विलास पासवान के आवास 12 जनपथ सहित 11 जगहों से पानी के नमूने लिए गए थे, जिनकी जांच रिपोर्ट पिछले दिनों आई और रिपोर्ट में सभी नमूने बीएसआई के गुणवत्ता मानकों पर विफल पाए गए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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