पेरिस हिल्टन को सलमान खान का युवा अवतार भाया

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अभिनेता सलमान खान को सोशलाइट पेरिस हिल्टन के रूप में नई फैन मिली हैं। सलमान ने मंगलवार को अपनी आगामी फिल्म ‘भारत’ का एक पोस्टर साझा किया जिसमें वे युवा अवतार में नजर आ रहे हैं। उसके तुरंत बाद हिल्टन ने इस पर ‘कूल’ का इमोटिकॉन पोस्ट किया।

सलमान ने इस पोस्टर का शीर्षक लिखा, “जवानी हमारी जानेमन थी! ‘भारत’ की जवानी”, जो कि फैन्स को उनके 1990 के दशक के लुक की याद दिला रहा है।

‘भारत’ का निर्देशन अली अब्बास जफर ने किया है। यह फिल्म साल 2014 में रिलीज हुई दक्षिण कोरियाई फिल्म ‘ओड टू माई फादर’ का आधिकारिक रिमेक है, जिसका निर्माण अतुल अग्निहोत्री की रील लाइफ प्रोडक्शन प्रा. लि. और भूषण कुमार की टी-सीरीज मिलकर कर रही हैं।

इस फिल्म में कटरीना कैफ, दिशा पटानी, तब्बू और नोरा फतेही ने भी काम किया है। इसे ईद पर रिलीज करने की तैयारी चल रही है।

सलमान ने बुधवार को एक पोस्टर के साथ फिल्म में कैटरीना के चरित्र को पेश किया और लिखा, “और फिर हमारी जिन्दगी में आईं ‘मैडम सर’।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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