इजरायल के साथ शांति कायम करने के लिए प्रतिबद्ध फिलीस्तीन : अब्बास

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फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने गुरुवार को कहा कि फिलीस्तीन अभी भी इजरायल के साथ शांतिपूर्ण संबंध कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब्बास ने यह टिप्पणी रामल्ला में अपने मुख्यालय में फिलीस्तीनी क्षेत्र के इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म के तीन प्रमुख धर्मगुरुओं के साथ बैठक के दौरान की।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, उन्होंने इजरायल के साथ शांति कायम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

फिलीस्तीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी वफा ने अब्बास के हवाले से कहा कि फिलिस्तीनी जनता पूर्वी जेरूसलम के साथ इसकी राजधानी के रूप में एक स्वतंत्र देश की हकदार है, जो तीनों धर्मो का आदर करेगा।

फिलीस्तीनी नेता ने कहा, “फिलीस्तीन सह-अस्तित्व और सामाजिक शांति के लिए एक आदर्श है, जिसका अनुसरण किया जा सकता है।” अब्बास 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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