पाकिस्तानी पहलवानों को मिला वीजा, चीन को करना होगा इंतजार

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भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने रविवार को कहा कि नई दिल्ली में 18 से 23 फरवरी तक होने वाली एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में पाकिस्तानी पहलवान भाग लेंगे।

डब्ल्यूएफआई के सहसचिव विनोद तोमर ने कहा कि महासंघ के सामूहिक प्रयास के बाद पाकिस्तानी पहलवानों को वीजा मुहैया कराया गया है। उन्होंने चीनी पहलवानों को लेकर कहा कि उन्हें सोमवार तक इंतजार करना होगा।

तोमर ने आईएएनएस से कहा, “मैंने शुक्रवार को खेल सचिव राधेश्याम झुलनिया से मुलाकात की थी और उन्होंने इस मामले को तुरंत गृह सचिव के समक्ष उठाया था। इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगा क्योंकि शनिवार को दूतावास को उनके लिए वीजा करने का आदेश दिया गया।”

उन्होंने कहा, “आईओए के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने भी इसके लिए काफी प्रयास किए और पाकिस्तानी दल को शनिवार को वीजा मिला जबकि इस दिन अधिकतर सरकारी कार्यालय सामान्य रूप से बंद रहते हैं।”

वीजा मिलने के बाद अब पाकिस्तान का छह सदस्यीय दल एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारत आएंगे। पाकिस्तानी दल के 18 फरवरी को भारत पहुंचने की संभावना है।

पाकिस्तान के छह सदस्यीय दल में एक रेफरी, एक कोच और चार पहलवान हैं। इन चार पहलवानों में मोहम्मद बिलाल (57 किग्रा), अब्दुल रहमान (74 किग्रा), तैयब रजा (97 किग्रा) और जमान अनवर (125 किग्रा) शामिल हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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