धार्मिक आस्था के नाम पर पाकिस्तान कर रहा कारोबार , करतारपुर कॉरिडोर में भारत से कमाने की योजना

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जयपुर।अपने बुरे आर्थिक दौरे से गुजर रहे पाकिस्तान ने अब करतारपुर में दरबार साहिब की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क लेकर अपनी आर्थिक बदहाली को दूर करने की योजना बना रहा है।सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान करतारपुर के श्रद्धालुओं से प्रतिवर्ष 258 करोड़ भारतीय रुपये या लगभग 571 करोड़ पाकिस्तानी रुपये कमा सकता है।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया है कि भारत के सिख तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क वसूलना पाकिस्तान के लिए विदेशी मुद्रा जुटाने का एक अन्य स्रोत साबित होने वाला है।

जिसके बाद अब पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर गुरूद्वारा साहिब की यात्रा करने वाले पांच हजार तीर्थयात्रियों को अनुमति दे दी है।सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान प्रति तीर्थयात्री 20 डॉलर सेवा शुल्क भी वसूलेगा जिससे उसे हर रोज करीब 1 लाख डॉलर की कमाई होगी।

दूसरी तरफ भारत के केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शनार्थ जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क के रूप में 20 डॉलर वसूल करने पर अड़े रहने के लिए पाकिस्तान के इस कार्य की घोर निंदा की है।भारत के केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान आस्था के नाम पर कारोबार करने का विचार कर रहा है।केंद्रीय मंत्री हरसिमरत ने इस बात को लेकर एक ट्वीट करते हुए लिखा है कि,’पाकिस्तान द्वारा

करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए 20 रुपए डॉलर प्रति व्यक्ति शुल्क लगाया जाना उसका घटियापन दर्शता है। गरीब श्रद्धालु कैसे यह रकम देगा और पाकिस्तान ने आस्था के नाम पर कारोबार करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का यह बयान बेहद शर्मनाक है कि यह शुल्क पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और इससे पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा प्राप्त होने वाली है।’

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