गधों का देश बनता जा रहा है पाकिस्तांन

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जयपुर। हमारा पड़ोसी देश सालों से अपने नापाक इरादों में नाकाम होता आया है। इस बात से पूरी दुनिया भली भांति वाकिफ़ है कि पाकिस्‍तान की हरकतें इतनी घटिया और तुच्छ होती जा रही हैं कि कई बार लोगों को लगता है कि क्या वहां पर गधे रह रहे हैं। हालांकि वहां पर भी इंसान ही रह रहे हैं, लेकिन अब यह देश धीरे धीरे गधों का पसंदीदा अड्डा बन चुका है। जी हां, पाक में लगातार गधों की संख्‍या बढ़ती ही जा रही हैं। पिछले कुछ सालों में यह देश गधों का देश बन चुका है।

आपको यह मजाक या फिर टांग खिंचाई लग रहा होगा, लेकिन मेरे प्यारे देशवासियों यही सच है। हमारा नालायक पड़ोसी मुल्क अब गधों का सबसे पसंदीदा मुल्क बन गया है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं कि बल्कि हाल ही में हुए एक इंटरनेशनल एनीमल सर्वे में पता चला है। बता दे कि पिछले साल हुए सर्वे के मुताबिक पाकिस्तान में साल 2016 में 51 लाख गधे थे। वही साल 2017 में यह आबादी बढ़कर 52 लाख हो गई।

बता दे कि यह बात पाकिस्‍तान ने आर्थिक सर्वेक्षण में भी साबित हो चुकी है कि वहां पर गधों की आबादी अनियंत्रित तरीके से बढ़ रही हैं। पाकिस्‍तान में लाखों गधे रहते हैं। जी हां, पाकिस्‍तान में गधों की संख्‍या में हो रहा यह निरंतर इजाफ़ा दरअसल पिछले कुछ सालों से ही हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पाकिस्तान में ज्यादातर परिवार पशुपालन के काम में लगे हुए हैं।

इनमें गधा सबसे फायदेमंद जानवर है। गधे की मदद से कई परिवारों की रोजी रोटी चलती हैं। साथ ही यह जानवर ज्यादा खर्चा भी नहीं मांगता है, इसीलिए अधिकांश लोग गधे को ही अपने जीवन यापन का जरिया बना लेते हैं। इतना ही नहीं गधा ग्रामीण इलाकों में ग़रीबी हटाने और विदेशी मुद्रा कमाने का भी एक अहम ज़रिया बन चुका है। तो शायद इसलिए यह गधों का देश पिछले 50 सालों से कई बातें समझ ही नहीं पा रहा हैं। अब खरबूजे के साथ रहकर तो खरबूजा रंग बदल ही लेता है।

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