दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने पर Pakistan ने 35 से अधिक शिक्षण संस्थान बंद किए

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कोरोनावायरस की वजह से लगभग छह महीनों के बाद पाकिस्तान ने मंगलवार से शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का काम शुरू किया था। देशभर में हाई स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खुलने के 72 घंटों के भीतर ही अब इनमें से 35 से अधिक संस्थानों को स्वास्थ्य दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन न करने पर बंद करने के लिए कहा गया है।

नेशनल कमांड एंड ऑपरेशंस सेंटर (एनसीओसी) ने शुक्रवार को एक बयान में खुलासा किया कि स्वास्थ्य दिशानिर्देश और प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर पिछले 24 घंटों में खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में कम से कम 10 शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया, जबकि तीन संस्थान सिंध में बंद किए गए हैं।

एनसीओसी के अनुसार, एक दिन पहले ही 22 संस्थाओं को बंद कराया गया था, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा के 16, इस्लामाबाद का एक और पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) के पांच संस्थान शामिल हैं।

इन संस्थानों के अलावा, कई अन्य स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय भी हैं, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को रोक दिया है, क्योंकि उनके परिसरों से भी नोवेल कोरोनावायरस के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।

पाकिस्तान में फिलहाल इस बात पर व्यापक बहस छिड़ी हुई है कि संघीय सरकार के शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय सही था या नहीं। कई अभिभावकों, छात्रों, शिक्षण कर्मचारियों और प्रांतीय अधिकारियों ने इस निर्णय की समीक्षा करने का आग्रह किया है, क्योंकि वायरस का खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है।

महामारी के कारण कम से कम छह महीने के अंतराल के बाद देश में शैक्षणिक संस्थान मंगलवार को फिर से खोले गए थे।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा था, “यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता और सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर बच्चा सुरक्षा के साथ पढ़ने के लिए स्कूल जा सके।”

उन्होंने कहा, “हमने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि स्कूल संचालन कोविड-19 पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों का पालन करें।”

लेकिन अब विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद सरकार ने ऐसे संस्थानों को बंद करने का फैसला किया है, जो दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।

पाकिस्तान में अभी तक 304,386 कोरोना मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 291,638 लोग ठीक हो चुके हैं। देश में संक्रमण की वजह से 6,408 लोगों की मौतें हुई हैं।

न्ूयज स्त्रोत आईएएनएस

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