हमारे इतिहास के पन्ने

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जयपुर। इतिहास दरसअल हमें तत्कालीन चुनौतियों, समाजो-सांस्कृतिक हलचलों, परिवर्तनों के बारे में न केवल जानकारी मुहैया कराता है। बल्कि हमें आज कैसे वैसी घटनाओं व परिस्थितियों से सामना करना चाहिए इसकी समझ प्रदान करता है। इतिहास व अतीत गमन कोई बुरा नहीं है बल्कि हम कैसे इतिहास में जाकर वहां से सकुशल लौटते हैं यह कुशलता हमें सीखने की ज़रूरत है। इतिहास व अतीतीय यात्रा जितना आसान माना जाता है वह उतना ही कठिन काम भी है। क्योंकि अतीती यात्रा के साथ एक दिक्कत यह है कि हमें अतीत बेहद रोचक लगने लगता है और हम वहीं रहना चाहते हैं।

जबकि कायदे से देखा जाए तो तो यात्री यात्रा लौटकर आने के लिए करता है। यदि राहगीर या यात्री रास्ते में या फिर यात्रा में अटक जाएगा तो वह आगे की यात्राएं नहीं कर पाएगा। इतिहास में भी यही होता है हम चले तो आसानी से जाते हैं लेकिन वापसी के लिए चैकन्ने रहना पड़ता है। हमें हमेशा यह याद रखना होता है कि यात्रा के बाद हमें वर्तमान में लौटना भी है। आज की तारीख़ी हक़ीकत को नज़रंदाज़ करना इतिहास हमें नहीं सीखाता बल्कि इतिहास वह रोशनी प्रदान करता है जिससे हम आज और आने वाले समय का बेहतर बना सकते हैं।

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