पी. चिदंबरम गिरफ्तार, आरोपों को नकारा (राउंडअप)

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सीबीआई और ईडी की निगाह से बचते रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम बुधवार को नाटकीय अंदाज में कांग्रेस मुख्यालय में प्रकट हुए और प्रेस कांफ्रेस में खुद को निर्दोष बताया। यहां से वह अपने जोर बाग स्थित आवास पहुंचे। इस बीच लुकआउट नोटिस जारी करने वाली सीबीआई और ईडी की टीम उनके घर जा पहुंची। दरवाजा बंद देख सीबीआई की टीम दीवार फांदकर अंदर गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया। अब संभावना है कि उन्हें गुरुवार को सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेस में चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में खुद को निर्दोष बताया।

इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन खत्म करने के बाद पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम जैसे ही जोर बाग स्थित अपने घर पहुंचे, थोड़ी ही देर बाद सीबीआई की टीम भी वहां पहुंच गई। घर का दरवाजा बंद था, जिसके बाद सीबीआई अधिकारी दीवार फांद कर चिदंबरम के घर में प्रवेश किए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची।

कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कहा कि वह ‘कानून से बच नहीं रहे हैं, बल्कि कानूनी संरक्षण की तैयारी कर रहे हैं’ और उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां ‘कानून का सम्मान करेंगी।’

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, “मैं इस बात से भौंचक्क हूं कि मुझ पर कानून से भागने का आरोप लगाया जा रहा है। जबकि इसके विपरीत मैं कानूनी संरक्षण पाने की तैयारी कर रहा हूं। मुझ पर आरोप है कि मैं न्याय से भाग रहा हूं, जबकि इसके विपरीत मैं न्याय की खोज में लगा हुआ हूं।”

उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार तक इंतजार करेंगे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, “आईएनएक्स मीडिया मामले में मैं किसी जुर्म का आरोपी नहीं हूं, न ही मेरे परिवार का कोई आरोपी है। वास्तव में न तो सीबीआई की तरफ से और न ही ईडी की तरफ से अदालत के समक्ष कोई चार्जशीट दाखिल की गई है। और सीबीआई द्वारा दर्ज बयान में भी मुझ पर कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। फिर भी यह व्यापक धारणा फैल गई है कि गंभीर अपराध किया गया है और मेरे बेटे और मैंने ये जुर्म किए हैं।”

चिदंबरम ने कहा, “सच्चाई से अलग कुछ हो नहीं सकता। ये मनोविकार से पीड़ित झूठों द्वारा फैलाए गए झूठ हैं। जब मुझे सीबीआई से समन मिला और ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया तो मैंने स्वाभाविक रूप से सक्षम अदालत से गिरफ्तारी के खिलाफ सुरक्षा की मांग की। मुझे अंतरिम संरक्षण दिया गया था। मैंने पिछले 13-15 महीनों से अंतरिम संरक्षण लिया। अब आखिरकार इस मामले पर सुनवाई हो रही है।”

चिदंबरम ने कहा, “मैं छिप नहीं रहा था, बल्कि अपने वकीलों के साथ पूरी रात और आज कागजात तैयार करने में जुटा रहा। हमने आज सुबह यह काम पूरा किया।”

उन्होंने कहा, “मेरे वकीलों ने मुझे बताया कि उनकी जोरदार दलीलों के बावजूद आज मामले को सूचीबद्ध नहीं किया गया, न ही इस मामले को कल सूचीबद्ध किया गया है। मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नमन करता हूं।”

उन्होंने कहा, “अब से शुक्रवार तक मैं सिर उठाकर चलूंगा। मैं कानून का पालन करूंगा, यहां तक कि जांच एजेंसियां नहीं करती हैं तो भी करूंगा।”

उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता के नाम पर मैं केवल आशा और प्रार्थना कर सकता हूं कि जांच एजेंसियां कानून का पालन करें। वर्तमान परिस्थितियों में कानून का सम्मान ही मायने रखता है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें।”

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी थी, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

बुधवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन. वी. रमना की अगुवाई वाली पीठ ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से मना करते हुए उनकी अंतरिम जमानत याचिका तत्काल सुनवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेज दी।

मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है।

जांच एजेंसियों ने चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले में जांच के लिए उनको हिरासत में लेना आवश्यक है, क्योंकि उन्होंने पूछताछ में गलत सूचना दी थी।

चिदंबरम को उनके घर से सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया है। मुख्यालय में सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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