OTT पर केंद्र सरकार की गाइडलाइंस बेअसर, कंटेंट पर कानून की जरुरत

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केंद्र सरकार ने पिछले महीने फरवरी 2021 में Netflix, Hotstar और Amazon Prime जैसे OTT को लेकर नियम जारी किए थे. इसे लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म को लेकर जो नए गाइडलाइंस जारी किए हैं, वह अधिक प्रभावी नहीं है (बिना दांत का) क्योंकि इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे किसी कंटेट को लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को गाइडलाइंस की बजाय इस तरह कानून तैयार करना चाहिए जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म को नियंत्रित किया जा सके.सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 5 मार्च को कहा कि सोशल मीडिया को रेगुलेट करने के लिए जारी गाइडलाइंस में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे किसी कंटेट को लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके.

कोर्ट ने वेब सीरीज तांडव को लेकर दर्ज मामले में अमेजन प्राइम वीडियो की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को गिरफ्तारी से राहत प्रदान किया है. यह टिप्पणी अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस आरएस रेड्डी के बेंच ने की. बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी इस मामले में नोटिस जारी किया है.सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि केंद्र के रेगुलेशंस में सिर्फ गाइडलाइंस हैं और इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई प्रावधान नहीं है. केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार इस मामले में जरूरी कदम उठाएगी और कोई रेगुलेशन या लेजिस्लेशन को कोर्ट के सामने रखा जाएगा. कोर्ट ने पुरोहित को इस मामले में केंद्र को भी एक पक्ष बनाने का निर्देश दिया है.

तांडव एक नौ एपिसोड का पॉलिटिकल थ्रिलर वेब सीरीज है. इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रदर्शित किया गया है जिसमें बॉलीवुड के ए-लिस्टेड स्टार्स ने काम किया है. इसमें सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और मोहम्मद जीशान अय्यूब ने भूमिका निभाई है. पुरोहित पर आरोप है कि उन्होंने इस वेब सीरीज में उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मी और हिंदू आराध्यों गलत चित्रण किया है. इसके अलावा पुरोहित पर प्रधानमंत्री की गलत भूमिका चित्रण का भी आरोप है.

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