आम्रपाली के उप्र, बिहार स्थित कार्यालयों को सील करने के आदेश

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सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को उत्तरप्रदेश और बिहार में स्थित आम्रपाली समूह के नौ कार्यालयों को सील करने के आदेश दिए, जहां समूह की 46 कंपनियों से संबंधित दस्तावेज रखे गए हैं। नौ कार्यालयों में से सात उत्तरप्रदेश के नोएडा व ग्रेटर नोएडा में स्थित हैं, जबकि दो अन्य बिहार के बक्सर और राजगीर जिलों में स्थित हैं।

शीर्ष अदालत ने मंगलवार को कंपनी के चेयरमैन समेत तीन निदेशकों को 46 कंपनियों के मौजूद खातों को फोरेंसिक लेखा परीक्षकों को उपलब्ध कराने में विफल रहने पर पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

अदालत ने कहा, “अगर नोएडा व ग्रेटर नोएडा स्थित सात परिसरों की सीलिंग की कारवाई पूरी हो जाती है तो, पुलिस तीन निदेशकों की उपस्थिति पर जोर नहीं डालेगी।”

अदालत ने कहा, “अगर यह कार्य आज पूरा नहीं होता है, तो यथास्थिति बरकरार रहेगी, लेकिन तीनों निदेशकों को जेल में बंद करने के स्थान पर पुलिस थाने में रखा जाए।”

अदालत ने यह आदेश तीनों निदेशकों -अनिल कुमार शर्मा(चेयरमैन और प्रबंध निदेशक), शिव प्रिया और अजय कुमार- की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें तीनों ने आग्रह किया था कि उन्हें जेल के अंदर बंद नहीं किया जाए और अपने अधिकारियों व वकीलों से बात करने की अनुमति दी जाए, ताकि दस्तावेज सुपूर्द करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

अदालत ने संबंधित जिला प्रशासन को सील किए गए कार्यालय परिसर की चाबी सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को सौंपने के आदेश दिए।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को मुकर्रर करते हुए तीनों को सुनवाई के दौरान मौजूद रहने के आदेश दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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