सरकार गिराने के लिए सबरीमाला मुद्दा उठा रहा विपक्ष : माकपा

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सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) ने गुरुवार को कांग्रेस, भाजपा और आरएसएस पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का प्रयोग कर केरल सरकार को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया। शीर्ष अदालत ने 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी थी। यहां उच्चस्तरीय एलडीएफ बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए एलडीएफ संरक्षक ए. विजयराघवन ने दावा किया कि कांग्रेस और भाजपा/संघ के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है।

विजयराघवन ने कहा, “सबरीमाला फैसले पर भावनाओं को भड़काकर पिनारायी विजयन सरकार को गिराने के प्रयास का मतलब राज्य की शांति को भंग करना है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीर्ष अदालत के फैसले को लागू करने के लिए कर्तव्य बाध्य है और वह वैसा ही कर रही है।

मार्क्‍सवादी कमयुनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली एलडीएफ ने राज्यभर में विपरीत राजनीतिक रैलियां शुरू करने का फैसला किया है।

पहली रैली 16 अक्टूबर को पथानमथिट्टा में की जाएगी, जिसे विजयन संबोधित करेंगे। सबरीमाला मंदिर पथानमथिट्टा में स्थित है।

वहीं भाजपा राज्य की राजधानी अलाप्पुझा से लंबा मार्च निकालने जा रही है, जो 15 अक्टूबर को यहां पहुंचेगा।

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष पी.एस. श्रीधरन पिल्लई ने मीडिया को बताया, “अगर राज्य सरकार केंद्र से फैसले के खिलाफ अध्यादेश लाने का अनुरोध करती है, तो मैं आश्वासन देता हूं कि ऐसा होगा।”

राज्य की राजधानी में भाजपा युवा शाखा के सदस्यों को देवसोम मंत्री के. सुरेंद्रन के आधिकारिक आवास में प्रवेश से रोकने पर पुलिस और उनके बीच झड़प हो गई।

मीडिया से बात करते हुए सुरेंद्रन ने कहा कि भाजपा ने प्रदर्शनों को हाईजैक कर लिया और वह सबरीमाला फैसले को राजनीतिक रंग दे रही है।

उन्होंने कहा, “भाजपा 1989 की विवादास्पद रथ यात्रा के दौरान जो कुछ भी हुआ था, उसे फिर से दोहराने का प्रयास कर रही है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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