महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता वडेट्टीवार बने नए नेता प्रतिपक्ष

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय एन. वडेट्टीवार को सोमवार को यहां महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नया नेता (एलओपी) नियुक्त किया गया। वह विदर्भ क्षत्र से आते हैं। उन्होंने पूर्व एलओपी और पूर्व कांग्रेसी राधाकृष्ण विखे-पाटिल की जगह ली, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी और अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

फड़णवीस ने सोमवार को वडेट्टीवार की नियुक्ति का स्वागत किया और राज्य के पूर्वी हिस्से में उनकी लंबी सार्वजनिक सेवा की सराहना की।

मुख्यमंत्री नागपुर (विदर्भ से) से आते हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह वडेट्टीवार को विपक्ष का भावी नेता बताया था।

विखे-पाटिल और अन्य नेताओं ने वडेट्टीवार को उनके नए पद के लिए बधाई दी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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