नोटबंदी को लेकर विपक्ष ने की मोदी की आलोचना, सरकार ने बताया उचित कदम (राउंडअप)

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नोटबंदी की बरसी पर गुरुवार को मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और नोटबंदी के फैसले को लापरवाही से उठा गया कदम बताया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने का उपाय था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट पर प्रतिबंध को एक क्रूर साजिश बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के चहेतों की मदद के वास्ते यह काले धन को सफेद करने की एक योजना थी।

उन्होंने कहा, “आठ नवंबर को इतिहास में बुरे दिन के रूप में याद किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि नोटबंदी नियोजित और क्रूर साजिश थी। यह घोटाला प्रधानमंत्री के चहेतों के कालेधन को सफेद करने की एक योजना थी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दो साल पहले मोदी की एकतरफा घोषणा से अर्थव्यवस्था चरमरा गई, क्योंकि उन्होंने अपने आर्थिक सलाहकार तक का समर्थन नहीं लिया।

राहुल ने एक बयान में कहा, “विमुद्रीकरण एक त्रासदी थी। यह हमारी त्रासदियों के इतिहास में अनोखी है, क्योंकि यह खुद को दिया गया दंड व आत्मघाती हमला था, जिसमें लाखों लोग बर्बाद हो गए और हजारों छोटे कारोबार ध्वस्त हो गए। विमुद्रीकरण का सबसे खराब असर अत्यंत गरीब लोगों पर पड़ा। लोगों को कइ दिनों तक अपनी छोटी बचत के लिए कतारों में लगने को बाध्य किया गया।”

राहुल गांधी ने याद दिलाया कि कतारों में 120 लोगों की जानें गईं और लाखों छोटे व मझौले कारोबार ध्वस्त हो गए और संपूर्ण अनौपचारिक क्षेत्र बर्बाद हो गए।

उन्होंने कहा, “नकली मुद्रा और आतंकवाद के खिलाफ जंग से लेकर काले धन का हमेशा के लिए समाप्त करने और बचत में वृद्धि करने से लेकर डिजिटल लेन-देन में परिवर्तन तक सरकार का कोई एक भी मकसद पूरा नहीं हो पाया है।”

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने नोटबंदी की आलोचना की।

नोटबंदी को एक ‘अशुभ’ और ‘बिना सोचे समझे’ उठाया गया कदम करार देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इस फैसले के जख्म व निशान वक्त के साथ ज्यादा स्पष्ट दिखने लगे हैं और इसके गंभीर प्रभाव अभी भी सामने आ रहे हैं।

नोटबंदी के फैसले के दो साल पूरे होने पर उन्होंने सरकार से आगे किसी प्रकार के ऐसे अपरंपरागत, अल्पकालिक आर्थिक उपायों को स्वीकृति नहीं देने को भी कहा, जो अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों में और अधिक अनिश्चितता का कारण बन सके।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मोदी की आलोचना की।

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो बनर्जी ने मोदी पर नोटबंदी घोटाला करके देश के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था इस कदम से बर्बाद हो गई।

केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार के वित्तीय घोटाले की फेहरिस्त का कोई अंत नहीं है, लेकिन नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था को दिया गया गहरा जख्म है।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी पर अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया।

उधर, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के फैसले को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि इस फैसले का मकसद मुद्रा जब्त करना नहीं था, बल्कि अधिक औपचारिक अर्थव्यवस्था की ओर एक कदम था। उन्होंने दावा किया कि इससे काफी लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि भारत को नकदी से डिजिटल लेन-देन की तरफ लेने जाने के लिए एक धक्का देना आवश्यक था, जिसका उच्च कर राजस्व पर असर होगा।

वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने की दिशा में लिए गए श्रंखलाबद्ध फैसलों में विमुद्रीकरण प्रमुख है। उन्होंने कहा कि इससे गरीबों और देश के नागरिकों के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर व गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए अधिक राजस्व और संसाधन होंगे।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर, धर्मेद्र प्रधान और राधामोहन सिंह समेत कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी नोटबंदी के फैसले को उचित ठहराया और विपक्ष की आलोचना का जवाब दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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