तेलंगाना में Corona के अब केवल 3,919 सक्रिय मामले

0

तेलंगाना में बुधवार तक कोरोनावायरस के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 4,000 के नीचे आ गई है, क्योंकि राज्य में रिकवरी दर बेहतर रही है। राज्य में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 3,919 हो गई है, जिसमें 2,270 मरीज घर या संस्थागत क्वारंटीन में हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान यहां कोरोनावायरस से 351 मरीज ठीक हुए, जिससे यहां वायरस से ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 2,86,893 पहुंच गई है।

राज्य में 96.7 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले रिकवरी दर 98.11 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

तेलंगाना में पिछले 24 घंटों के दौरान 267 नए मामले पाए गए हैं, जिससे यहां कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,92,395 पहुंच गई है।

वहीं इस दौरान इस घातक वायरस से 2 अन्य लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,583 हो गई है।

news source आईएएनएस

SHARE
Previous articleBengal Election 2021: क्या ममता की मुश्किलें बढ़ेंगी? बंगाल चुनाव से पहले उतरी एक और पार्टी
Next articleIPL 2021:संजू सैमसन को RR का कप्तान बनाए जाने से खुश नहीं ये भारतीय दिग्गज, जानिए क्यों
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here