आनलॉक-1 : धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी जिंदगी

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कोरोना संकट के कारण हुए लॉकडाउन में करीब 70 दिनों तक जिंदगी थम सी गयी थी। लोग घरों में कैद थे। गलियां सुनसान थी। उत्तर प्रदेश में सोमवार से अनलॉक-एक शुरू हुआ। इसके तहत प्रदेश में कई तरह की छूट दी गई है। आज से जीवन को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। सड़कों पर गाड़ियां चलती नजर आईं। रेहड़ी, फल, खिलौने, आइसक्रीम वाले पहले के मुकाबले ज्यादा दुकानें सजाए दिखें। रोडवेज बस स्टैंड से अधिकांश मार्गो की बसें चली। थर्मल स्क्रीनिंग करा कर यात्रियों को बसों में सवार किया गया। पहले दिन कम ही यात्री यात्रा करने के लिए बस स्टैंड पर पहुंचे। लखनऊ रेलवे स्टेशन से आज सुबह गोमती एक्सप्रेस ट्रेन रवाना हुई। रेल मंत्रालय ने बताया कि स्टेशन में सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग की गई।

राज्य सरकार द्वारा सैलून और ब्यूटी पार्लरों को सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य एहतियातों के साथ संचालित करने की अनुमति मिलने के बाद आज सुबह सवेरे ही राजधानी में सैलून और ब्यूटी पार्लर खुल गये हैं।

हजरतगंज और विधानसभा रोड पर वाहन काफी संख्या में चल रहे है। गोमती नगर, इन्दिरानगर और अन्य जगहों में भी दुकाने खुली नजर आयी। रिक्शें और आटो पर लोग मास्क लगाकर बैठ रहे हैं। वहीं सबने अपनी गाड़ियों में सैनिटाइजर की बोतले लगा रखी है। आलमबाग की दुकानों में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।

कपड़े का काम करने वाले नरेश अग्रवाल ने कहा कि 70 दिनों से दुकान बंद थी। आज खुली तो ताजगी महसूस हो रही है। ऐसा लग रहा है पुराने दिन आ गये हों। जल्दी ही हमारा देश कोरोना से मुक्त होगा। काम और तेजी से चल सकेगा।

सिटी बस से अपने आफिस जाते हुए राम प्रकाश का कहना है कि इतने दिनों से ऑफिस नहीं गये है। काफी काम रूका हुआ है। आज से काम सुचारू रूप से चलेगा। अभी ऑफिस का माहौल देखना है। हमें खुद अपने आप को वायरस से बचाने के लिए सवाधान रहना पड़ेगा।

आटो रिक्शा चालक राजेश ने कहा कि लॉकडाउन के बाद आज अपनी सवारी गाड़ी निकाली है। अभी हर दिनों की अपेक्षा लोग कम सड़कों पर हैं। लेकिन सुबह से 4 सवारी मिल गयी है। इससे कुछ सब्जी खाने का खर्च निकल सकेगा। पहले की अपेक्षा लोग सड़कों पर कम निकल रहे हैं। लोगों के अन्दर अभी वायरस का डर सा है। हलांकि हम लोग मास्क और सैनिटाइजर लेकर ही अपना काम कर रहे हैं।

लखनऊ व्यापर मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्रा ने कहा, “सीजन भर लॉकडाउन रहा। इससे लंबा नुकसान हुआ है। अभी अनलॉक-एक में लोग आज दुकानों पर आए हैं। बंदी से अच्छा है कि दुकानें खुली है। हम लोग स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन का पालन भी कर रहे हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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