प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र में हुई प्याज की पूजा

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प्याज के असमान छूते दामों ने सबको रुला दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में तो लोग प्याज की पूजा तक करने लगे हैं। प्याज की पूजा करने वाला कोई और नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय की चचेरी बहू हैं।

सब्जियों में जयका लाने वाले प्याज ने लोगों के आंसू निकालने शुरू कर दिए हैं। आम आदमी के पहुंच से दूर होती प्याज को अब भगवान का रूप मानकर इसकी पूजा-अर्चना हुई। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ की बहू अमृता पांडेय प्रियंका गांधी के सामने कांग्रेस की सदस्यता भी ले चुकी हैं।

उन्होंने कहा, “मंहगाई आम आदमी की जेब पर डाका डाल रही है। हम लोगों की पहुंच से दूर होती प्याज की हम लोगों ने पूजा-अर्चना कर इसे त्याग दिया है।”

अमृता ने कहा, “हमारे परिवार ने प्याज कथा का आयोजन किया। प्याज को भगवान की तरह आसन पर बैठाया गया। बाकायदा फूल, माला अर्पित कर, अगरबत्ती और दीया जलाकर संकल्प भी लिया गया। इसके बाद प्याज की पूरे विधि विधान से आरती भी की गई।”

उन्होंने कहा, “हमारा परिवार बढ़ते प्याज के दाम से खासा प्रभावित हुआ है और जब प्याज का दाम 100 रुपये किलो तक पहुंच गया, तब अब हमारे परिवार ने पूजन कर संकल्प लिया कि अब प्याज नहीं खाएंगे, क्योंकि अब ये आम आदमी के बजट के बाहर चला गया है।”

अमृता ने कहा, “हमने पंडित जी से प्याज की कथा सुनी और लोगों को प्याज दान भी किया।”

उन्होंने कहा कि जिस तरह प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं, उससे अब ये आम आदमी के पहुंच से बाहर हो गया है। ऐसे में प्याज को अब पूजने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहा गया है। उन्होंने कहा, “हम प्याज को बैंक के लॉकर में भी रखवाने जा रहे हैं। अभी तो परिवार के लोगों ने इसे महंगाई के कारण खाना छोड़ दिया है।”

उन्होंने कहा, “हमने प्याज पूजन का आयोजन महज अपने प्रचार के लिए नहीं किया, बल्कि आम आदमी की आंख खोलने के लिए किया। हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि लोग महसूस करें कि महंगाई किस कदर बढ़ गई है, इस समय हर चीज पर मंहगाई की मार पड़ रही है। लोग इसके खिलाफ आवाज उठाएं।”

अमृता पांडेय ने आगे कहा, “हम लोगों ने इससे पहले दशहरा में दस दुराचारियों के पुतले फूंके थे, जिसमें कुलदीप सेंगर और स्वामी चिन्मयानंद के पुतले भी थे।”

न्यूज स्त्रो आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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