शुक्रवार के दिन राज्यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया गया !

0
137

बजट सत्रावसान पर शुक्रवार को राज्यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में विरोध प्रदर्शन के कारण करीब आधे सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही पूरी तरह बाधित रही। उच्च सदन की 30 बैठकों में करीब 45 घंटे कामकाज हुआ और 120 धंटे की अवधि हंगामे की भेंट चढ़ गई।

सत्र के समापन पर अपनी टिप्पणी में सभापति एम. वेंकैया नायडू ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि राज्यसभा में जो कामकाज हुआ उसके बारे में उनके पास बताने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है लेकिन राज्यसभा में जो नहीं हो पाया उसके बारे में बताने को बहुत कुछ है।

नायडू ने कहा, “ग्रेच्यूटी भुगतान विधेयक पारित करने के अलावा कोई विधायी कार्य नहीं हो पाया यहां तक कि आम बजट पर चर्चा नहीं हो पाई और वित्त व विनियोग विधेयकों को भी बिना चर्चा के लोकसभा को वापस कर दिया गया।”

उन्होंने दुख जाहिर करते हुए कहा कि अवकाश प्राप्त करने वाले राज्यसभा सदस्यों की विदाई भी तय तिथि पर नहीं सही तरीके से नहीं हो पाई और बाद में इसकी व्यवस्था की गई।

नायडू ने सांसदों को ‘आत्मावलोकन’ करने और ‘खोने की स्थिति के बजाय पाने की स्थिति पैदा करने की कोशिश’ करने को कहा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleतेलंगाना में ट्रैक्टर पलटा, 9 लोगों की मौत, जानिए इसके बारे में !
Next article400 फुट की ऊंचाई पर बना है यह दिलदहला देने वाला होटल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here