Breaking news : किसान हिंसा पर Naqvi ने कहा, आजादी के जश्न के नाम पर अराजकता स्वीकार नहीं

0

गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आजादी के जश्न के नाम पर अराजकता का टशन कोई भी समाज या कोई भी सरकार स्वीकार नहीं कर सकती। दिल्ली में हुई हिंसा पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आईएएनएस से कहा कि, आजादी के जश्न के नाम पर अराजकता का टशन कोई भी समाज या कोई भी सरकार स्वीकार नहीं कर सकती। एक बात समझ लेना चाहिए कि जो तरक्की का तूफान है वो इस तरह के अराजकता उफान से रोका नहीं जा सकता और न ही रुक सकता है।

उन्होंने कहा, जो भी लोग आजादी के जश्न के नाम पर अराजकता का टशन करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि वो सफल नहीं होंगे।

कृषि कानून पर नकवी ने कहा कि, इन कानूनों में पहले की कोई भी चीज हटी नहीं है, इसके अलावा कानून और किसानों की बेहतरी के लिए विकल्प भी दिए हैं।

केंद्रिय अल्पसंख्यक मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, कुछ लोग ऐसे हैं जो किसानों के कंधे पर बंदूक और क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का संदूक लेकर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे लोगों पर कानून अपना काम कर रहा है।

news soruce आईएएनएस

SHARE
Previous articleइन बातों को भूल जाने से हार का सामना करना पड़ सकता है,जानिए
Next articleदुनिया में इस वक्त 100 करोड़ आईफोन सक्रिय है : Apple
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here