सार्वजनिक जगह पर पायजामे पहने लोगों के साथ अधिकारियों ने किया कुछ ऐसा, फूटा लोगों का गुस्सा

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अक्सर देखा जाता है कि जब भी लोग कभी अतरंगी ड्रेस बाहर पहन कर निकलते है तो लोग उनका मजाक बनाने लगते हैं । ऐसा ही एक मामला देखने को मिला चीन में जहां सार्वजनिक जगहों पर लोग पायजामा पहने नजर आए और सरकारी अधिकारियों ने ऑनलाइन उनकी फोरो जारी कर शर्मसार करना शुरू कर दिया । बस फिर क्या था, लोगों का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा ।

दरअसल, अनहुई प्रांत में सोझुऊ शहर के अधिकारियों ने उन सात लोगों की तस्वीरें जारी की जिन्होंने पायजामा पहना था। अधिकारियों ने इन लोगों के सार्वजनिक स्थल पर पायजामा पहनने को ‘असभ्य व्यवहार’ करार दिया । पायजामा पहने लोगों की तस्वीरों के साथ उनका नाम, आईडी कार्ड और अन्य जानकारियां भी साझा की गई थीं । दरअसल, चीन ने हाल में सर्विलांस टेक्नोलॉजी का काफी विस्तार किया है, जिसमें खास तौर पर चेहरा पहचानने वाली तकनीक को सार्वजनिक स्थलों पर लगाया जा रहा है । हालांकि पायजामे वाली तस्वीरों के लिए बाद में अधिकारियों ने माफी मांग ली ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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