आत्मनिर्भरता का आधार व एमएसएमई की जान है ओडीओपी : CM yogi

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की जान तथा आत्मनिर्भरता का आधार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार शाम तारामंडल स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति पार्क (नुमाइश ग्राउंड) में आयोजित बड़ौदा यूपी बैंक के वृहद ऋण वितरण शिविर में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि, “ओडीओपी के जरिये एमएसएमई कम पूंजी पर रोजगार की गारंटी है। इसके स्थानीय स्तर के परिणाम का पूरे प्रदेश में व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं। बीते चार सालों में प्रदेश सरकार ने 50 लाख एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से लोन दिलाकर करोड़ो लोगों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया है। इससे यूपी की अर्थव्यवस्था में व्यापक परिणाम आया है। पहले जहां उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में पांचवें, छठवें स्थान पर होती थी अब दूसरे स्थान पर है। प्रति व्यक्ति आय 45 हजार से बढ़कर 95 हजार पर पहुंच गई है। जल्द ही इस मामले में हम राष्ट्रीय औसत के बराबर होंगे। इसी कारण आत्मनिर्भरता का आधार व एमएसएमई की जान ओडीओपी है।”

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कृषि क्षेत्र के बाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक योगदान ओडीओपी से जुड़े परम्परागत उद्यमों ने दिया है। सरकार ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय समावेशन के साथ गांव के गरीब, किसान, महिला, नौजवान को जोड़ने का कार्य कर उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में जुटी है। पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को 2024 तक 5 ट्रिलियन यूएस डलर का करने का लक्ष्य तय किया है, इसी कड़ी में हमें यूपी को 1 ट्रिलियन यूएस डलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।

योगी ने कहा कि कोरोना काल में गांव लौटे प्रवासी परम्परागत उद्यमों से जुड़कर रोजी रोजगार कर रहे हैं। प्रदेश सरकार भी एमएसएमई क्लस्टर बनाकर इन्हें रोजगार दिलाने का कार्य कर रही है। इस दौरान उन्होंने दिवाली पर टेराकोटा शिल्पकारों के बढ़े व्यवसाय और उनके द्वारा कमाए मुनाफे का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 7 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें से 17़5 लाख अकेले गोरखपुर में हैं। इससे सरकार की योजनाओं की पूरी रकम का लाभ लोगों को बिना भ्रष्टाचार सीधे उनके खातों में मिल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज खुशी की बात है कि गोरखपुर, सिद्घार्थनगर, आजमगढ़, कुशीनगर, बलिया, मऊ जैसे अनेक जिलों के 5895 लाभार्थियों को सवा तीन सौ करोड़ रुपये का लोन बड़ौदा यूपी बैंक द्वारा दिया जा रहा है। इससे ये लाभार्थी खुद उद्यमी बन कई लोगों को रोजगार भी देंगे। उन्होंने कहा कि बैंकों को इन्हें ट्रेनिंग व बाजार दिलाने की जिम्मेदारी भी उठानी होगी ताकि अपनी पूंजी बढ़ाने के साथ ही ये प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बैंकों के सीडी रेशियो में पहले की तुलना में वृद्घि हुई है। हमारा लक्ष्य इसे 75 फीसद तक पर ले जाने का है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जिलों के लाभार्थियों को ऋण प्रमाण पत्र प्रदान करने के साथ उनसे बात कर लोन का सदुपयोग कर खुद व औरों को रोजगार के क्षेत्र में मजबूत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने नुमाइश ग्राउंड में लगे दस स्टालों का भी निरीक्षण किया और उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पाद व उसके बाजार के बारे में जानकारी लेकर उनका उत्साहवर्धन किया।

न्रूूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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