ओडिशा : नाबालिग छात्रा ने बच्ची को जन्म दिया

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ओडिशा के कंधमाल जिला स्थित सरकार के स्वामित्व वाले जनजातीय आवासीय स्कूल की एक नाबालिग छात्रा के अपने होस्टल में एक बच्ची को जन्म देने के बाद रविवार को तनाव पैदा हो गया। कंधमाल जिला प्रशासन ने घटना के संबंध में नौ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।

कंधमाल जिला कल्याण अधिकारी (डीडब्ल्यूओ) चारुलता मलिक ने कहा कि आठवीं कक्षी की 14 वर्षीय छात्रा ने शनिवार रात को स्कूल के हॉस्टल में एक बच्ची को जन्म दिया।

यह स्कूल ओडिशा के एससी (अनुसूचित जाति) और एसटी (अनुसूचित जनजाति) विकास विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।

कंधमाल पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने संवाददाताओं को बताया, “आठ महीने पहले लड़की का उसके गांव में दुष्कर्म हुआ था। वह डर और शर्म के कारण इसका खुलासा नहीं कर सकी थी। मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।”

घटना के बाद संस्थान की दो मेट्रन, एक सहायक नर्स दाई का काम करने वाली, दो कुक-कम-अटेंडेंट और एक वार्डन को बर्खास्त कर दिया गया है जबकि तीन महिला सहायक अधीक्षकों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया गया।

जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से आवासीय हाई स्कूल की प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की है।

एससी एवं एसटी विकास मंत्री रमेश माझी ने कहा कि कंधमाल कलेक्टर से मामले में जांच करने को कहा गया है।

मंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट दाखिल होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले गुस्साए स्थानीय निवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर जाम लगाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस द्वारा मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार किए जाने के बाद जाम खुला था।

न्यूज स्त्रात आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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